भारत ने परिसीमन प्रक्रिया पर पाकिस्तान के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया
जम्मू-कश्मीर में डिलिमिटेशन या परिसीमन की प्रक्रिया पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली द्वारा पारित प्रस्ताव को भारत ख़ारिज कर दिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बाग़ची ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर में परिसीमन अभ्यास पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली द्वारा पारित हास्यास्पद प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं
उनका कहना था कि पाकिस्तान के पास पाकिस्तान नियंत्रित क्षेत्रों जिसे भारत अपना क्षेत्र कहता है पर अवैध कब्जे सहित भारत के आंतरिक मामलों में निर्णय लेने या हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गत 6 मई को जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी और भारत के प्रभारी उच्चायुक्त को तलब किया था।
पाकिस्तान सरकार ने जम्मू-कश्मीर के परिसीमन को लेकर गठित आयोग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए दावा किया था कि इसका उद्देश्य मुसलमानों को नागरिकता से वंचित करना और उन्हें राज्य में कमज़ोर करना है। इसके कुछ दिन बाद पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने अपने देश की नेशनल असेंबली में एक प्रस्ताव पेश कर जम्मू-कश्मीर के डिलिमिटेशन को खारिज किया था।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा था कि इस्लामिक सहयोग संगठन को किसी एक देश के इशारे पर कम्युनल प्रोपेगेंडा फैलाने से परहेज़ करना चाहिए। इस्लामिक सहयोग संगठन ने सोमवार को ट्वीट कर जम्मू-कश्मीर में परिसीमन को लेकर आपत्ति जताई थी। ओआईसी ने अपने ट्वीट में लिखा कि भारत का यह प्रयास जम्मू-कश्मीर के जनसांख्यिकीय ढांचे को बदलने के लिए है, यह कश्मीरी अवाम के अधिकारों का उल्लंघन है, परिसीमन की यह प्रक्रिया चौथे जिनेवा कन्वेंशन सहित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्तावों और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून का सीधा उल्लंघन है। (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए
हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!