चीन ने किस बात को लेकर भारत की जमकर तारीफ की
चीन के विदेश ने कहा है कि उनके भारतीय समकक्ष जयशंकर का बयान भारत की आजादी की परम्परा को दिखाता है, उन्होंने कहा कि हमें अपने रिश्तों की गर्मजोशी बरकरार रखने की कोशिश करनी चाहिए।
चीनी विदेशमंत्री वांग वी ने चीन में भारतीय राजदूत से भेंट में कहा कि चीन और भारत 2 महान प्राचीन पूर्वी सभ्यताएं हैं।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर के उस बयान की तारीफ की है, जिसमें उन्होंने यूरोप के वर्चस्ववाद को अस्वीकार करते हुए कहा था कि चीन-भारत अपने संबंधों को दुरुस्त करने में ‘पूरी तरह से सक्षम’ हैं। वांग यी ने कहा है कि जयशंकर का बयान भारत की आजादी की परम्परा’ को दिखाता है।
चीन में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत के साथ अपनी पहली बैठक में वांग ने कहा कि दोनों देशों को अपने रिश्तों की गर्मजोशी बरकरार रखने, उन्हें पटरी पर लाने तथा पहले जैसी स्थिति में पहुंचाने के लिए एक ही दिशा में कोशिश करनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए बयान में उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को तमाम वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और चीन, भारत और अन्य विकासशील देशों के साझा हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
ज्ञात रहे कि 3 जून को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में एक सम्मेलन में एक डायलॉग सेशन में भारत के विदेशमंत्री जयशंकर ने कहा था कि यूरोप को इस मानसिकता से बाहर निकलना होगा कि उसकी समस्याएं दुनिया की समस्याएं हैं, लेकिन दुनिया की समस्याएं यूरोप की समस्याएं नहीं हैं।
इसी प्रकार भारतीय विदेशमंत्री ने उस वक्त यह भी कहा था कि भारत का किसी भी एक पक्ष की तरफ से खड़े होना जरूरी नहीं है और रूस से तेल खरीदने के मामले में कहा था कि यूरोप रूस से हमारे मुकाबले कई गुना अधिक उर्जा खरीदता है। MM
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