राजस्थान के शहरों में भी अब 100 दिन रोजगार की गारंटी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना इन दिनों बड़ी चर्चा में है। इससे पहले कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में यूपीए सरकार के दौर में देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोज़गार योजना (मनरेगा) शुरू की गई थी।
अब राजस्थान में कांग्रेस की राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में भी मनरेगा की तर्ज़ पर रोज़गार गारंटी योजना शुरू करने का निर्णय लिया है, और इस वित्तीय वर्ष के बजट में इस योजना की घोषणा कर दी है।
योजना में शहरी क्षेत्र के बेरोज़गार लोगों को आजीविका अर्जन की दृष्टि से हर साल 100 दिन का रोज़गार उपलब्ध करवाया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 800 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा है। राज्य में कोविड-19 महामारी के दौरान रोज़गार छिनने से जो परिवार कमज़ोर और असहाय हो गए हैं, उन्हें भी इस योजना से बड़ा लाभ पहुंचने वाला है।
इस योजना के तहत अब तक 2 लाख 12 हज़ार से अधिक जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से पंजीकृत सदस्यों की कुल संख्या 3 लाख 18 हज़ार से अधिक है। msm