जहां कहीं से भी हमें तेल मिलेगा हम ख़रीदेंगे, भारत
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भारत के केंद्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि हमें जहां कहीं से भी तेल मिलेगा, हम वहां से ख़रीदेंगे और किसी भी देश को अधिकार नहीं है कि वह कहे कि नई दिल्ली को रूस से तेल नहीं ख़रीदना चाहिए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ०८, २०२२ १३:४१ Asia/Kolkata
  • जहां कहीं से भी हमें तेल मिलेगा हम ख़रीदेंगे, भारत

भारत के केंद्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि हमें जहां कहीं से भी तेल मिलेगा, हम वहां से ख़रीदेंगे और किसी भी देश को अधिकार नहीं है कि वह कहे कि नई दिल्ली को रूस से तेल नहीं ख़रीदना चाहिए।

शुक्रवार को वाशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए पुरी ने कहाः भारत सरकार की यह ज़िम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों को ऊर्जा उपलब्ध कराए, इसलिए जहां कहीं से भी हमें तेल मिलेगा, हम वहां से ख़रीदेंगे और इसका एक सीधा सा कारण यह है कि इस तरह की चर्चा से देश की उपभोग आबादी की ज़रूरत पूरी नहीं हो सकती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की आपूर्ति बाधित हुई है, जिसके कारण ऊर्जा की मांग बढ़ी है और क़ीमतें आसमान को छूने लगी हैं।

अमरीका और यूरोप ने रूस से तेल नहीं ख़रीदने के लिए भारत पर दबाव बनाया था, लेकिन भारत ने ऐसा करने से इंकार कर दिया, क्योंकि ईरान के मामले में भारत यह चोट खा चुका है।

इस बीच, दुनिया के तेल निर्यातक देशों के समूह ओपेक प्लस ने प्रतिदिन 20 लाख बैरल तेल का उत्पादन घटाने का फ़ैसला किया है, जिसके बाद दुनिया में तेल के दाम और तेज़ी से बढ़ सकते हैं।

ओपेक में प्लस देशों का नेतृत्व रूस करता है, जिसके बाद इस संगठन पर अमेरिका ने रूस के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया है।

नवंबर से ओपेक प्लस समूह तेल उत्पादन को घटा देगा. ओपेक देशों में सऊदी अरब का दबदबा है और कहा जा रहा है कि सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान और रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस मामले में एक लाइन पर आ गए हैं। msm