राजीव गांधी फ़ाउंडेशन का लाइसेंस केन्द्र सरकार ने रद्द कर दिया
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भारत की केन्द्र सरकार ने क़ानून के उल्लंघन के आरोप में गांधी परिवार से जुड़े ग़ैर सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम लाइसेंस रद्द कर दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct २४, २०२२ ०४:४८ Asia/Kolkata
  • राजीव गांधी फ़ाउंडेशन का लाइसेंस केन्द्र सरकार ने रद्द कर दिया

भारत की केन्द्र सरकार ने क़ानून के उल्लंघन के आरोप में गांधी परिवार से जुड़े ग़ैर सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम लाइसेंस रद्द कर दिया है।

यह कार्रवाई एक अंतर-मंत्रालयी समिति द्वारा की गई जांच के बाद हुई जिसका गठन साल 2020 में गृह मंत्रालय द्वारा किया गया था, जब भाजपा ने आरोप लगाया था कि फाउंडेशन को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के दूतावास से धन प्राप्त हुआ था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के वित्त पोषण की जांच शुरू कर दी थी और मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम और आयकर के संदिग्ध उल्लंघन के संबंध में इन संगठनों द्वारा प्राप्त धन की जांच की थी।

गृह मंत्रालय ने साल 2020 में अपने एक बयान में कहा था कि उसने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा पीएमएलए, आयकर अधिनियम, एफसीआरए आदि के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन की जांच के समन्वय के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया है। ईडी के एक विशेष निदेशक समिति के प्रमुख होंगे।

यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों संगठनों की अध्यक्ष पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं और अन्य न्यासियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, भूतपूर्व योजना आयोग के पूर्व उपप्रमुख मोंटेक सिंह आहलुवालिया, सुमन दुबे, अशोक गांगुली और संजीव गोयनका शामिल हैं।

फाउंडेशन की वेबसाइट के अनुसार, उसे 1991 में स्थापित किया गया. वेबसाइट में कहा गया है कि राजीव गांधी फाउंडेशन ने 1991 से 2009 तक महिलाओं, बच्चों और अक्षम लोगों को मदद देने के अलावा स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शिक्षा क्षेत्र सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया।

राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना 2002 में की गई थी और इसका लक्ष्य देश के वंचित खासकर ग्रामीण गरीबों की विकास जरूरतों को तथा उत्तर प्रदेश और हरियाणा में काम को देखना था। (AK)

 

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