सावरकर के माफ़ी वाले राहुल गांधी के बयान पर छिड़ी जंग
कन्याकुमारी से श्रीनगर क़रीब 3570 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा पर चल रहे कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के एक बयान से न सिर्फ़ उनके विरोधी बीजेपी और आरएसएस को बल्कि कांग्रेस के सहयोगी दल शिवसेना के नेता भी आहत नाराज़ हैं।
वास्तव में राहुल गाधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सावरकर बीजेपी और आरएसएस के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सावरकर ने अंग्रेज़ों की मदद की थी और जेल से बाहर निकलने के लिए उन्होंने एक नहीं बल्कि 6 बार माफ़ी नामा लिखा था।
शिवसेना के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के कारण पैदा हुई सकारात्मक ऊर्जा राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद नष्ट हो गई है, जो उन्होंने वीर दामोदर सावरकर पर की थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ शिवसेना के मुख पत्र सामना के साप्ताहिक कॉलम में रोखठोक में राउत ने सवाल किया कि गांधी ऐसे मुद्दों को क्यों उठा रहे हैं जो लोगों की भावनाओं को छूते हैं और लोगों का ध्यान हटाने के लिए बीजेपी को मौक़ा देते हैं।
भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र से गुज़र रही है, जहां राहुल गांधी ने कहा था कि यह कोई ढकी छिपी बात नहीं है कि सावरकर ने अंग्रेज़ों से माफ़ी मांगी थी और उनसे सहयोग किया था।
शिवसेना के अलावा, महाराष्ट्र में कांग्रेस की एक दूसरी पार्टी एनसीपी के नेताओं ने भी राहुल गांधी द्वारा इस तरह के मुद्दे उठाने से गुजरात चुनाव के दौरान नुक़सान होने की बात कही है।
इस बीच, कांग्रेसी नेता बीजेपी के एक प्रवक्ता द्वारा शिवाजी महाराज द्वारा औरंगज़ेब को पत्र लिखने की बात को लेकर बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं।
कांग्रेस युवा मोर्चा के प्रमुख श्रीनिवास ने एक ट्वीट में लिखा है कि एक कायर को बचाने के लिए कितना नीचे गिरोगे संघियो? बीजेपी के मुताबिक़ छत्रपति शिवाजी महाराज ने सावरकर की तरह औरंगज़ेब को 5 बार पत्र लिखकर माफी मांगी थी। msm