राहुल गांधी के समर्थन में अमेरिका से उठी आवाज़
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में इंडिया कॉकस के डेमोक्रेट सह-अध्यक्ष रो खन्ना ने राहुल गांधी को संसद से अयोग्य घोषित कर उन्हें हटाने के क़दम को भारत के ‘मूल्यों’के साथ ‘विश्वासघात’ बताया है।
खन्ना को पिछले महीने 118वीं कांग्रेस में कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन अमेरिकन्स का सह-अध्यक्ष चुना गया था। वह पिछले साल नवंबर में कैलिफोर्निया से लगातार चौथी बार चुने गए थे।
उन्होंने लिखा कि संसद से राहुल गांधी का निष्कासन गांधीवादी दर्शन और भारत के मूल्यों के साथ गहरा विश्वासघात है, यह वह नहीं है, जिसके लिए मेरे दादाजी ने कई साल जेल में बिताए थे।
खन्ना ने भारतीय प्रधानमंत्री से भी इसके खिलाफ रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया कि नरेंद्र मोदी आपके पास भारतीय लोकतंत्र की ख़ातिर इस फ़ैसले को पलटने की ताक़त है।
इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने से पहले हिंदुत्व के ख़िलाफ बोलने वाले रो खन्ना ने कहा कि वह रणनीतिक साझेदारी को पूरा करने के लिए काम करेंगे और हमें भारत में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेतृत्व का सम्मान करना होगा।
उन्होंने एनबीसी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं इन मानवाधिकार मूल्यों को बरक़रार रखते हुए इसे मज़बूत करने के लिए काम करूंगा।
अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने यह कहते हुए ट्वीट किया कि भारत के एक मित्र के रूप में यह ख़बर चिंताजनक है, एक स्वस्थ लोकतंत्र में आप विपक्ष को चुप नहीं कराते, आप उनके साथ बहस करते हैं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए आवश्यक है और विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत पहले ही 180 देशों की सूची में 150वें स्थान पर गिर गया है, यह ग़लत दिशा में एक और क़दम है।
ज्ञात रहे कि 23 मार्च को गुजरात में सूरत की एक अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनकी कथित ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी के लिए उनके ख़िलाफ दायर 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में दो साल की जेल की सज़ा सुनाई थी।
दोषी ठहराए जाने के एक दिन बाद 24 मार्च को राहुल गांधी को लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया था कि वायनाड से सांसद राहुल गांधी को 23 मार्च 2023 से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। (AK)
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