एक अध्यादेश और बंध गये दिल्ली सरकार के हाथ
https://parstoday.ir/hi/news/india-i124606-एक_अध्यादेश_और_बंध_गये_दिल्ली_सरकार_के_हाथ
पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण आदेश को केंद्र सरकार ने पलट दिया है, जिसने दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग सहित सेवा मामलों में कार्यकारी शक्ति दी थी।
(last modified 2023-05-20T08:54:42+00:00 )
May २०, २०२३ १४:११ Asia/Kolkata
  • एक अध्यादेश और बंध गये दिल्ली सरकार के हाथ

पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण आदेश को केंद्र सरकार ने पलट दिया है, जिसने दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग सहित सेवा मामलों में कार्यकारी शक्ति दी थी।

केंद्र सरकार ने शुक्रवार 19 मई को जारी एक अध्यादेश के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण की स्थापना की है जो ट्रांसफर पोस्टिंग, सतर्कता और अन्य प्रासंगिक मामलों से संबंधित विषयों के संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल को सिफारिशें करेगा।

अध्यादेश ने उपराज्यपाल की स्थिति को भी मज़बूत कर दिया है। एलजी को अंतिम प्राधिकारी बनाया गया है जो नौकरशाहों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से संबंधित मामलों को तय करने में अपने ‘एकमात्र विवेक’ से कार्य कर सकता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से जारी अध्यादेश के अनुसार, दिल्ली अधिनियम, 1991 के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) की सरकार में संशोधन करना चाहता है और संविधान पीठ के उस फैसले को प्रभावी रूप से नकारता है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को कानून बनाने और दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्त नौकरशाहों पर नियंत्रण रखने की शक्ति दी गई है।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते 11 मई को माना था कि निर्वाचित दिल्ली सरकार के पास पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि से संबंधित सेवाओं को छोड़कर सभी प्रशासनिक सेवाओं पर अधिकार है।

आम आदमी पार्टी ने शनिवार को केंद्र के अध्यादेश को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ‘सेवाओं’ पर सत्ता बहाल करने को असंवैधानिक करार दिया और कहा कि दिल्ली सरकार इसे सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी।

हिंदुस्तान टाइम्स की ​एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिल्ली के शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने के लिए यह अध्यादेश लाया गया है. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। (AK)

 

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए