भारतीय राष्ट्रपति की चीन यात्रा, सीमावर्ती मतभेद को हल करना महत्वपूर्ण उद्देश्य
भारतीय राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी मंगलवार से चीन की तीन दिवसीय अधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं, इस यात्रा में सीमा मतभेद के हल के लिए महत्वपूर्ण बातचीत होने की संभावना है।
चीन ने कहा है कि वह भारत के साथ सीमा मतभेद के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार चीन के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा है कि बीजिंग चाहता है कि भारत के साथ सीमावर्ती मतभेद जल्द से जल्द हल कर लिए जाएं।
चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि दोनों देश इस बात पर बल देते हैं कि सीमावर्ती मतभेद का केवल बातचीत के माध्यम से ही समाधान हो सकता हैं। जबकि भारतीय राष्ट्रपति मुखर्जी ने अपनी चीन यात्रा से पहले मीडिया के साथ बातचीत में कहा है कि भारत, चीन के साथ सीमावर्ती मतभेदों के समाधान के लिए निष्पक्ष, तार्किक और स्वीकार्य रास्ता चाहता है।
ज्ञात रहे कि भारत और चीन दो पड़ोसी देश हैं। यह दोनों दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश भी हैं। भारत और चीन के बीच लगभग चार हज़ार किलोमीटर लंबी संयुक्त सीमा है और इन्हीं सीमाओं के संबंध में उनके बीच मतभेद पाए जाते हैं। इन्हीं मतभेदों के आधार पर 1962 में दोनों देशों के बीच युद्ध भी हो चुका है।
अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख, सिक्किम और समुंद्री सीमावर्ती क्षेत्रों पर लगभग 6 दशकों से दोनों देशों के बीच मतभेद चले आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर अबतक 16 चरणों में वार्ता हो चुकी है, जिससे पता चलता है कि चीन और भारत के अधिकारी इस ऐतिहासिक समस्या को हल करने का दृढ़ राजनीतिक संकल्प रखते हैं। (RZ)