भारत में किस राज्य के बच्चे सबसे ज़्यादा पढ़ाई छोड़ रहे हैं?
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भारत के शिक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, 2021-2022 में कक्षा 10 में नामांकित करीब 35 लाख छात्र कक्षा 11 में नहीं पहुंचे। इन 35 लाख छात्रों में से 27.5 लाख फेल हो गए और 7.5 लाख छात्र 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
(last modified 2023-06-01T22:15:14+00:00 )
Jun ०२, २०२३ ०३:४३ Asia/Kolkata
  • भारत में किस राज्य के बच्चे सबसे ज़्यादा पढ़ाई छोड़ रहे हैं?

भारत के शिक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, 2021-2022 में कक्षा 10 में नामांकित करीब 35 लाख छात्र कक्षा 11 में नहीं पहुंचे। इन 35 लाख छात्रों में से 27.5 लाख फेल हो गए और 7.5 लाख छात्र 10वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हुए।

द हिंदु में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और भारतीय स्कूल प्रमाण-पत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) समेत केंद्रीय बोर्डों में छात्रों की फेल होने की दर 5 फीसदी जितनी कम है, लेकिन यह राज्य बोर्डों में 16 प्रतिशत तक उच्च हो सकती है।

स्कूल शिक्षा के मामले में शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने कहा कि अलग-अलग बोर्ड में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम में काफी भिन्नता होती है, विशेष तौर पर भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान से संबंधित जिससे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी), जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बाधाएं पैदा होती हैं।

कुमार ने द हिंदु को बताया है कि शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से नीट क्वालिफाई करने वाले छात्रों का डेटा मांगा है, मंत्रालय विश्लेषण करना चाहता है कि नीट में किन बोर्ड के छात्र अच्छा प्रदर्शन करते हैं या बेहतर रैंक लाते हैं।

कक्षा 10 की परीक्षा में फेल होने या उपस्थित नहीं होने वाले 35 लाख छात्रों में से केवल 4.5 लाख छात्र ही राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से परीक्षा में शामिल हुए और वहां भी फेल होने की दर 47 फीसदी से 55 फीसदी के बीच है।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा कक्षा 10 और 12 की परीक्षाओं में उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण होने वाले छात्रों के राज्य-वार डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में 60 राज्य बोर्डों में पढ़ने वाले छात्रों के परिणाम एक राज्य से दूसरे राज्य में काफी भिन्न होते हैं और छात्रों को समान अवसर नहीं मिलते हैं।

केवल 11 राज्यों में ही 85 फ़ीसदी या 30 लाख ड्रॉपआउट यानी पढ़ाई छोड़ने वाले छात्र हैं और ये राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, राजस्थान, कर्नाटक, असम, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और छत्तीसगढ़ हैं। (AK)

 

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