भारतः रेल दुर्घटना की टीस पूरा देश महसूस कर रहा है
https://parstoday.ir/hi/news/india-i125084-भारतः_रेल_दुर्घटना_की_टीस_पूरा_देश_महसूस_कर_रहा_है
भारत में ओडीशा की दर्दनाक ट्रेन दुर्घटना एक टीस की तरह पूरे देश को पीड़ा दे रही है। इस दुर्घटना से जुड़ी सारी ही ख़बरें बड़ी मार्मिक हैं।
(last modified 2023-06-04T06:43:50+00:00 )
Jun ०४, २०२३ १२:१० Asia/Kolkata
  • भारतः रेल दुर्घटना की टीस पूरा देश महसूस कर रहा है

भारत में ओडीशा की दर्दनाक ट्रेन दुर्घटना एक टीस की तरह पूरे देश को पीड़ा दे रही है। इस दुर्घटना से जुड़ी सारी ही ख़बरें बड़ी मार्मिक हैं।

मीडिया में ओडीशा के बालासोर में ज़िला अस्पताल के बाहर कोहराम मचा हुआ है। एक मीडिया संस्थान ने शव ग्रह के बाहर जमा लोगों के चेहरों की हालत बयान की है।

बाहर एकत्रित पुरुष और महिलाएं शवगृह के अंदर से आवाज़ आने का इंतज़ार कर रहे हैं, कुछ को अपने मृतक की पहचान करने के लिए आवाज़ लगाए जाने और कुछ को शवों को घर लेने जाने की अनुमति का इंतेज़ार है।

तीन ट्रेनों के चपेट में आने से यह भीषण हादसा हुआ जिसमें अभी तक 288 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है।

भारत कवच नाम की एक स्वदेशी तकनीक डेवलप करने की बात कह चुका है और इसका ट्रायल भी हो चुका है लेकिन बीते 15 साल में भारतीय रेल में 10 रेल मंत्री बदल गए, लेकिन रेलवे में हादसों की तस्वीर नहीं बदली है। रेल मंत्री से लेकर अधिकारी तक अक्सर हादसों को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, पिछले दो दशकों से रेलवे में हादसों को रोकने के लिए कई तकनीक पर विचार ज़रूर हुआ है, लेकिन आज भी एक ऐसी तकनीक का इंतज़ार है जो रेलवे की तस्वीर बदल सके।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पिछले साल यानि मार्च 2022 में सिकंदराबाद के पास 'कवच' के ट्रायल में ख़ुद शरीक हुए थे, उस वक़्त यह दावा किया गया था कि कवच भारतीय रेल में हादसों को रोकने की सस्ती और बेहतर तकनीक है।

इस बीच रेल मंत्री के त्यागपत्र की मांग उठ रही है और तर्क यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है, नैतिकता के आधार पर उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए।

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए