गुजरात, क्रिकेट गेंद उठाने पर दलित की उंगली काट दी
गुजरात मुसलमानों और दलितों के ख़िलाफ़ आरएसएस और बीजेपी की नफ़रत की राजनीति की प्रयोगशाला से अब नफ़रत के केन्द्र में बदलता जा रहा है।
2002 के भयानक साम्प्रदायिक दंगों के बाद से जहां इस राज्य में मुसलमानों को पूरी तरह से हाशिए पर धकेल दिया गया है, वहीं आए दिन दलितों के ख़िलाफ़ छुआछूत और मानवाधिकारों के उल्लंघन की घटनाएं देखने में आ रही हैं।
गुजरात के पाटन ज़िले में ऊंची जाति के हिंदुओं ने एक दलित व्यक्ति को बुरी तरह से मारा पीटा है, उसका जुर्म सिर्फ़ इतना सा था कि उसके भतीजे ने क्रिकेट बॉल हाथ में उठा ली थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, स्थानीय पुलिस ने बताया कि क्रिकेट खेल रहे कुछ लोगों ने एक दलित शख़्स को सिर्फ़ इस वजह से प्रताड़ित किया, क्योंकि उसके भतीजे ने मैच के दौरान क्रिकेट गेंद उठा ली थी।
पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने दलित व्यक्ति को धमकाया और उसे जातिसूचक गालियां भी दीं।
सिर्फ़ इतना ही नहीं, हमलावर भीड़ ने बाद में शाम को धारदार हथियारों से लैस होकर परमार और उनके भाई कीर्ति के घर पर धावा बोल दिया और उन पर हमला कर दिया।
अभियुक्तों में से एक ने कीर्ति का अंगूठा काट दिया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों के ख़िलाफ़ धारा 326 और 506 के तहत मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है।
हालांकि पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ़्तार नहीं कर सकी है। msm