अपने साथ भारी तबाही लिए आ रहा है बिपरजॉय तूफान
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भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार यह शाम 4 बजे के बाद गुजरात के तटों से टकराने वाला है बिपरजॉय चक्रवात।
(last modified 2023-06-15T02:24:53+00:00 )
Jun १५, २०२३ ०७:४८ Asia/Kolkata
  • अपने साथ भारी तबाही लिए आ रहा है बिपरजॉय तूफान

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार यह शाम 4 बजे के बाद गुजरात के तटों से टकराने वाला है बिपरजॉय चक्रवात।

बताया जा रहा है कि गुरूवार की शाम तक गुजरात के तटों से भीषण चक्रवात बिपरजॉय टकरा सकता है। 

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार यह शाम 4 बजे के बाद गुजरात के तटों से टकराने वाला है।  बिपरजॉय चक्रवात, भारत के पश्चिम में अरब सागर से उठा है जिसके चलते भारत में हाई अलर्ट है। 6 जून से यह चक्रवात, लगातार उत्तर की ओर बढ़ते हुए विकराल रूप लेता जा रहा था। 11 जून को इसने प्रचंड रफ्तार पकड़ ली थी।  यह भारत के समुद्री तट से टकराने वाला सबसे भयंकर तूफान सिद्ध हो सकता है।

बिपरजाय चक्रवात के कारण भारत के गुजरात राज्य के कच्छ इलाके में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश से नुकसान की आशंका जताई गई है। इस तूफान की हवाओं की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवात बिपरजॉय आज शाम को जखाऊ बंदरगाह से होकर गुजरेगा।

वैसे, चक्रवात थोड़ा कमजोर जरूर हुआ है लेकिन अब भी यह कम से कम 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भारत से टकरा सकता है। सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों में ऊंची समुद्री लहरें उठने लगी हैं जिनके कारण कई रिहायशी इलाकों में बाढ़ आ सकती है। आज सुबह से ही तटवर्ती इलाकों में समंदर का पानी घुसने लगा। राजस्थान के दक्षिणी और मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।

किसी भी दुर्घटना को रोकने और आसपास के क्षेत्रों में जीवन एवं संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए आकाशवाणी का 90 मीटर ऊंचा टावर गिरा दिया गया है। गुजरात के द्वारका में रस्सी से बंधे 90 मीटर ऊंचे ‘ट्रांसमिशन टॉवर’ को तोड़ दिया गया।  बताया जा रहा है कि  गुरूवार को दोपहर स्थानीय समय के अनुसार शाम को 4 से रात 8 बजे के बीच तूफान गुजरात के तटों से टकरा सकता है।  गुजरात में 74 हजार से ज्यादा लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।   

भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों से बात की है और चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए सशस्त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा की।  ज्ञात रहे कि इससे पहले मई 2021 को गुजरात में ताउते चक्रवात आया था जिसने भारी तबाही मचाई थी।

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