मणिपुर में हिंसा जारी, विपक्ष का केन्द्र सरकार पर हमला
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पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में हिंसक घटनाओं का क्रम जारी है।
(last modified 2023-06-18T03:27:53+00:00 )
Jun १८, २०२३ ०८:५६ Asia/Kolkata
  • मणिपुर में हिंसा जारी, विपक्ष का केन्द्र सरकार पर हमला

पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में हिंसक घटनाओं का क्रम जारी है।

भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी दौरे के हफ्तों बाद हिंसा की ताज़ा घटना बिशुपुर के क्वाकटा कस्बे और चुराचांदपुर के कंगवई गांव में घटी।

इंफाल में सेना, असम राइफल्स और मणिपुर रैपिड एक्शन फोर्स ने दंगाइयों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए आधी रात तक संयुक्त मार्च किया। पश्चिम इंफाल के एक पुलिस थाने से भीड़ ने हथियार लूटने की भी कोशिश की जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। मणिपुर में कर्फ्यू लागू है और इंटरनेट सेवाएं भी ठप हैं।

‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शांति की अपील करने और 20 जून को अपने विदेश दौरे पर जाने से पहले मणिपुर में जातीय हिंसा पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने को कहा है।

मणिपुर में हिंसा की ताजा घटनाओं में बीजेपी नेताओं के घरों पर हमले हुए हैं। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह के घर में आग लगाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को भीड़ ने विधायक बिस्वजीत के घर में आग लगाने की कोशिश की।

भीड़ ने इंफाल में पोरमपेट के पास भाजपा नेता शारदा देवी के घर को भी निशाना बनाया। दोनों ही मौकों पर सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर किया। मणिपुर में 18 जून को विद्रोह एकता दिवस मनाया जाता है. इसके कारण हिंसा बढ़ने की आशंका है।

गौरतलब है कि 2001 में 18 जून के आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 18 व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देने के लिए विद्रोह एकता दिवस हर साल मनाया जाता है।

ज्ञात रहे कि मणिपुर में एक महीने पहले मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों के बीच भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की जान चली गई है। वर्तमान में राज्य पुलिस बलों के अलावा कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए मणिपुर में लगभग 30 हज़ार  केंद्रीय सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। (AK)