54 लोगों की मौत से मचा हड़कंप
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भीषण गर्मी ने कहर बरपाया है। हीटस्ट्रोक से तीन दिनों के भीतर 54 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया है।
(last modified 2023-06-20T06:35:37+00:00 )
Jun १९, २०२३ ०४:५९ Asia/Kolkata
  • 54 लोगों की मौत से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में भीषण गर्मी ने कहर बरपाया है। हीटस्ट्रोक से तीन दिनों के भीतर 54 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया है।

बलिया जिले में पड़ रही भीषण गर्मी से मरीजों और मृतकों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई है। 15,16 और 17 जून यानि तीन दिन के भीतर हीटस्ट्रोक से  बुखार, सांस फूलने आदि विभिन्न कारणों से करीब चार सौ मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं जिसमें 15 जून को 23, 16 जून को 20 और 17 जून को 11 यानि कुल 54 मरीजों की मौत हो गई है।

इस बारे में अपर स्वाथ्य निदेशक का कहना है कि मरने वालों की संख्या अचानक से बढ़ गई है। क्या कारण है इसकी जांच करने के लिए लखनऊ से टीम आ रही है? जांच के बाद ही पता चलेगा।

निदेशक का कहना है कि हो सकता है ऐसी कोई बीमारी हो जो पकड़ में नहीं आ रही हो। दूसरी बात ये कि गर्मी और जाड़ा जब ज्यादा पडता है तो सांस के मरीज, डायबिटीज के मरीज, बीपी के मरीजों की मौत के आंकड़े बढ़ जाते हैं। ऐसे में गर्मी बढ़ी है, तापमान बढ़ा है तो हो सकता है कि ये उसका असर हो और बीमारियां उभर गई हों और इसके कारण इस तरह मरीजों की मौत की संख्या अचानक बढ़ गई है।

बलिया जिले में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक का कहर जारी है। दिन में आसमान से अंगारे बरस रहे हैं तो वहीं रात में भी राहत नहीं मिल रही है। आसमान से आग उगलते धूप का प्रकोप इतना विकराल हो गया है कि अब लोगों की जान मुश्किल में है। बलिया जिले में पिछले दो दिन से 43-44 डिग्री सेल्सियस के ऊपर तापमान चल रहा है। डायरिया और लू के मरीजों से सरकारी व निजी अस्पताल के बेड फुल हो गए हैं।

प्रचंड गर्मी और लू के बीच बलिया जिला अस्पताल के आंकड़े भयावह हैं, आकंड़ों के मुताबिक, बीते तीन दिन में ही हीट स्ट्रोक से मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 74 लोगों की मौत हुई है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले अधिकतर मरीजों की मौत हो जा रही है।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों की अचानक मौत की संख्या में वृद्धि होने के कारण नि:शुल्क शव वाहन तक नहीं मिले। लोगों को निजी वाहनों से शव लेकर जाना पड़ा। कर्मचारियों के अनुसार, कोरोना संक्रमण के दौरान भी एक दिन में इतनी मौतें नहीं हुई थीं। mm

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