भारत के मणिपुर में फिर तीन हत्याएं, कई घर आग के हवाले
भारत के पूर्वोत्तरी राज्य मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। इस बीच स्थानीय लोगों में राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को लेकर काफ़ी आक्रोश है तो दूसरी तरफ़ दोनों ही सरकारों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
राज्य में मई से ही हिंसा जारी है और बड़ी हृदय विदारक घटनाएं हो रही हैं जिनमें दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़कों पर घुमाए जाने, सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटनाएं शामिल हैं।
हालात बेहद ख़राब हैं और बात यहां तक पहुंच गई कि सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना पड़ा और कोर्ट ने प्रशासन के कामकाज और हिंसा को रोकने के लिए की जाने वाली कार्यवाहियों को लेकर चिंता जताई है। विपक्षी दलों के सांसदों ने मणिपुर का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाक़ातें कीं और लौट कर हालात के बारे में जो कुछ बयान किया वह बेहद चिंताजनक है।
इसी बीच ऐसी रिपोर्टें मिल रही हैं कि वहां फिर कई घरों को जला दिया गया है और तीन लोग मारे गए हैं। स्थानीय पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये घटना बिष्णुपुर ज़िले में हुई है।
इस साल मई के महीने में जब से हिंसा शुरू हुई है वहां 180 से अधिक संख्या में लोग मारे जा चुके हैं।
हज़ारों लोगों को मजबूर होकर अपना घर छोड़ना पड़ा है।
मणिपुर में मैतेई समुदाय और जनजाति कुकी समाज के लोगों के बीच तनाव का माहौल है। राज्य के मुख्य मंत्री पर आरोप है कि वो मैतेई समुदाय का साथ दे रहे हैं, उनका संबंध मैतेई समुदाय से है।
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