भारत हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट हुआ सख़्त, पुलिस को लगाई फटकार
भारत के सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि पुलिस को हेट स्पीच संबंधी अपराधों के बारे में संवेदनशील होने की ज़रूरत है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हालांकि नफ़रती भाषण की परिभाषा जटिल है, लेकिन बड़ी समस्या ज़मीनी स्तर पर अमल की है। नफ़रत भरे भाषणों पर अंकुश लगाने की मांग वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही अदालत ने इस संबंध में केंद्र और राज्यों से भी सहायता मांगी और मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई निर्धारित की।
सुनवाई के दौरान जस्टिस संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा, ‘समाधान जरूर खोजा जाना चाहिए. इन मामलों में हर कोई अदालत नहीं आते रहना चाहिए।
हरियाणा के नूंह ज़िले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आयोजित विरोध प्रदर्शनों के संबंध में अदालत 2 अगस्त को आए एक आवेदन पर विचार कर रही थी। अदालत ने बुधवार को केंद्र और राज्यों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन विरोध सभाओं के स्थानों पर कोई हिंसा या नफरती भाषण न हो।
नूंह हिंसा से जुड़ी याचिका पर पेश वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने कहा कि यह कोई विरोधात्मक याचिका नहीं है, आपके पास ऐसे भाषण मौजूद हैं जो धर्म के नाम पर व्यक्तियों के नरसंहार को उचित ठहराते हैं। (AK)
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए