चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब भारत की नज़रें सूर्य पर
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चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने सूर्य के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष अभियान शुरू करने का एलान किया है।
(last modified 2023-08-28T07:43:13+00:00 )
Aug २८, २०२३ १३:०८ Asia/Kolkata
  • चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब भारत की नज़रें सूर्य पर

चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने सूर्य के अध्ययन के लिए अंतरिक्ष अभियान शुरू करने का एलान किया है।

इसरो ने एक ट्वीट के ज़रिए बताया कि आदित्य एल-1 मिशन, 2 सितंबर 2023 को श्रीहरिकोटा से दोपहर 11 बजकर 50 मिनट पर लॉन्च किया जाएगा।

इसरो ने बताया कि आदित्य एल-1 से भारत सूर्य के अध्ययन की अपनी शुरूआत करेगा। इसके साथ ही इसरो ने आम नागरिकों को इसकी लॉन्चिंग के समय श्रीहरिकोटा की लॉन्च व्यू गैलरी में रजिस्ट्रेशन करने की भी जानकारी दी है।

इसरो ने बताया कि आदित्य एल-1 सूर्य का अध्ययन करने वाला पहला अंतरिक्ष आधारित भारतीय मिशन होगा। अंतरिक्ष यान को सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज बिंदु एल-1 के चारो ओर एक प्रभामंडल कक्षा में भेजा जाएगा, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है।

हमारा ब्रह्मांड असंख्य तारों से बना है। वैज्ञानिक ब्रह्मांड का भविष्य जानने में जुटे हैं। इसी क्रम में जिस सौर मंडल में हम रहते हैं, उसे समझने के लिए सूर्य को जानना बेहद ज़रूरी है।

सूर्य से जितनी मात्रा में ऊर्जा और तापमान निकलता है, उसका अध्ययन धरती पर नहीं किया जा सकता। इसी वजह से दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियां, जितना संभव है, उतना सूर्य के पास जा कर अध्ययन करना चाहती हैं।

नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए कई शोध किए हैं। इसरो भी आदित्य एल-1 के ज़रिए सूर्य का विस्तृत अध्ययन करना चाहता है।

आदित्य एल-1 को पृथ्वी से सूर्य की ओर क़रीब 15 लाख किलोमीटर पर स्थित लैग्रेंज-1 पॉइंट तक पहुंचना है। msm