हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रूप पर गिरा एक और बम
शेयरों में हेराफेरी और व्यापारिक लेन-देन में गड़बड़ी के अडानी ग्रूप पर आरोप लगाने वाली हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद, अब अडानी ग्रूप पर एक नया बम फट गया है।
जॉर्ज सोरोस की संस्था ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट ने अपनी एक जांच रिपोर्ट में अडानी ग्रूप पर शेयरों में हेराफेरी के हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के आरोपों को दोहराया है।
हालांकि अडानी ग्रूप ने पहले वाली रिपोर्ट की तरह इस रिपोर्ट को भी ख़ारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि अडानी परिवार से जुड़े लोगों ने भारतीय शेयर बाज़ार में लाखों डॉलर का निवेश कर अपनी ही कंपनी के शेयर ख़रीदे थे।
अडानी ग्रूप ने एक बयान जारी करके कहा है कि हम इस रिपोर्ट को पूरी तरह ख़ारिज करते हैं। यह रिपोर्ट आधारहीन हिंडनबर्ग रिपोर्ट को पुनर्जीवित करने के लिए जॉर्ज सोरोस की संस्था और विदेशी मीडिया के एक वर्ग की कोशिश है।
ओसीसीआरपी की इस रिपोर्ट को फ़ाइनेंशियल टाइम्स और गार्डियन ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में ख़ुलासा किया गया है कि अडानी परिवार से जुड़े लोगों ने वर्षों तक सीक्रेट तरीक़े से अडानी ग्रूप के शेयर ख़रीदे हैं। यह वह समय था जब अडानी की कंपनी तेज़ी से आगे बढ़ रही थी और वह देश के सबसे अमीर और दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख़्स बन गए थे।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अडानी ग्रूप ने गुपचुप तरीक़े से ख़ुद अपने ही शेयर ख़रीदकर स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश किया। इसमें अडानी ग्रुप के मॉरीशस में किए गए ट्रांज़ेक्शंस की डिटेल का ख़ुलासा किया गया है। msm