मणिपुर हिंसा, पुलिस और सुरक्षा बलों में तनाव बरक़रार
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मणिपुर में पिछले चार महीनों से जातीय संघर्ष जारी है और इस बीच पुलिस और राज्य में तैनात बलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखी गई है।
(last modified 2023-09-13T06:11:39+00:00 )
Sep १३, २०२३ ११:४० Asia/Kolkata
  • मणिपुर हिंसा, पुलिस और सुरक्षा बलों में तनाव बरक़रार

मणिपुर में पिछले चार महीनों से जातीय संघर्ष जारी है और इस बीच पुलिस और राज्य में तैनात बलों के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखी गई है।

द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट हिंसा की एक हालिया घटना को लेकर मणिपुर राज्य सरकार और केंद्रीय बलों के बीच गहराते अविश्वास की ओर इशारा करती है।

रिपोर्ट में 8 सितम्बर को कुकी-बाहुल्य क्षेत्र में मेईतेई समुदाय के लोगों के एक सशस्त्र समूह और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी की घटना का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि इसकी जानकारी मिलने पर मेईतेई लोगों की एक भीड़ उक्त सशस्त्र समूह का साथ देने के मकसद से प्रभावित गांव में पहुंचने के लिए तेंगनौपाल जिले के पल्लेल में जमा हुई।

सूत्रों ने अखबार को बताया कि इस भीड़ ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की जिन्होंने जवाबी कार्रवाई भी की। इसमें तीन नागरिक मारे गए और एक सैन्य अधिकारी सहित कई घायल हो गए।

एक दिन बाद मणिपुर सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि एन. बीरेन सिंह कैबिनेट ने पिछले दिन पल्लेल में नागरिकों पर ‘केंद्रीय सुरक्षा बलों की अवांछित कार्रवाई की निंदा की’ है और कहा कि वह इस घटना के बारे में केंद्र सरकार को अवगत कराएगी।

अख़बार के अनुसार, कैबिनेट का बयान उक्त घटना के सिलसिले में  प्रेस को दिए गए राज्य पुलिस के बयान का खंडन करता है।

मीडिया को दिए पुलिस के बयान में कहा गया था कि आत्मरक्षा और अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक संतुलित प्रतिक्रिया में सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया, जिसमें भीड़ का हिस्सा रहे कुछ लोगों को चोटें आईं, जिनमें से कथित तौर पर दो की मौत हो गई।

पुलिस ने कहा था कि गोलीबारी ‘सशस्त्र उपद्रवियों के ख़िलाफ़ की गई थी, जिन्होंने गांव में आगजनी और हिंसा का प्रयास किया था।

अख़बार का कहना है कि पुलिस के बयान बताता है कि पुलिस सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम कर रही है और इसे ‘संयुक्त अभियान’ कहा जा रहा है, फिर भी, मणिपुर सरकार के घटना की निंदा करने वाले बयान में केवल केंद्रीय सुरक्षा बलों का उल्लेख किया गया है।

ज्ञात हो कि पुलिस राज्य के गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती है, जो फ़िलहाल मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह संभाल रहे हैं। (AK)

 

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