क़तर में फंसे 200 भारतीय मज़ूदर, खाने को पैसा नहीं
क़तर में कम से कम 200 एसे भारतीय मज़ूदर हैं जिनके पास अब खाने के लिए पैसा नहीं बचा है।
इनको पिछले 5 महीनों से कंपनी ने वेतन दिया है। इन लोगों का कहना है कि 5 महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके पास खाने तक के लिए पैसे नहीं बचे हैं। अब यह लोग भूखे-प्यासे दिन काट रहे हैं।
क़तर में फंसे एक मज़दूर ने बताया है कि हमारे पास खाने पीने तक के लिए पैसा नहीं है। उसने कहा कि हमारी कंपनी ने हमें पिछले 5 महीनों से वेतन नहीं दिया है जिसके कारण हम अपने घर भी कुछ नहीं भेज पा रहे हैं। इस व्यक्ति ने बताया कि जब हमने अपनी कंपनी से कहा कि यदि आप वेतन नहीं दे रहे हैं तो कम से कम हमें अपने देश वापस जाने दीजिए। इसपर क़तर की कंपनी का कहना था कि तुम लोग अपने टिकट ख़रीद लाओ तो हम तुमको तुम्हारे देश वापस जाने की अनुमति दे देंगे।
इन मज़दूरों का कहना है कि क़तर में स्थित भारतीय दूतावास भी हमारी कोई सहायता नहीं कर रहा है। दोहा से 70 किलोमीटर दूर कैंप में फंसे भारतीयों ने बताया कि वे बिना सहारे क़तर में पडे हैं। यह भारतीय मज़दूर क़तर की यात्रा पर गए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट नहीं कर सके।