घाटी में पैलेट गन का विकल्प कुछ दिन में, भारतीय गृह मंत्री
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भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती के साथ गुरुवार 25 अगस्त 2016 को श्रीनगर में प्रेस कान्फ़्रेंस में
भारत प्रशासित कश्मीर में 48वें दिन भी जारी अशांति के बीच राज्य के दौरे पर गए भारतीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि कुछ दिन के भीतर पैलेट गन का विकल्प पेश होगा।
घाटी में जनता को नियंत्रित करने के लिए इस हथियार के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना हो रही है क्योंकि इस हथियार से कश्मीर में बहुत से लोग अंधे हो गए हैं।
उन्होंने यह एलान करते हुए कि कश्मीर के बिना भारत का कोई भविष्य नहीं है, एक बार फिर पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कश्मीरियत, इंसानियत और जमहूरियत पर आधारित कश्मीर नीति का समर्थन किया। इसी प्रकार उन्होंने एनडीए सरकार की किसी के भी साथ बातचीत करने का इशारा दिया।
राजनाथ सिंह ने हिंसक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पैलेट गन के इस्तेमाल के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि पिछले कश्मीर के दौरे पर किए गए वादे के अनुसार, एक विशेषज्ञ टीम का गठन किया गया है जिसे दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी थी।
उन्होंने कहा कि इस कमेटी की रिपोर्ट दो से तीन दिन के भीतर पेश होगी। कुछ दिनों के भीतर पैलेट गन का विकल्प भी पेश होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा, “2010 में यह कहा गया था कि पैलेट गन घातक हथियार नहीं है जिससे कम से कम नुक़सान पहुंचता है लेकिन अब हमें लगता है कि इसका विकल्प होना चाहिए।”
इस बीच घाटी में गुरुवार को कर्फ़्यू पुलवामा तक बढ़ा दिया गया जबकि श्रीनगर और अनंतनाग क़स्बे में यह पहले से ही लगा है। इसी प्रकार घाटी में लोगों के इकट्ठा होने पर भी पाबंदी बरक़रार है।
ज्ञात रहे भारत प्रशासित कश्मीर में 8 जुलाई को अलगाववादी गुट हिज़्बुल मुजाहेदीन के कमान्डर बुरहान वानी के भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के बाद से, घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का क्रम जारी है जिसके दौरान पुलिस के हाथों दर्जनों लोग मारे गए और हज़ारों घायल हुए हैं। (MAQ/N)