भारत और रूस के बीच रक्षा संबन्धी कई समझौते
गोवा में शनिवार से शुरू ब्रिक्स समिट से पूर्व भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौते हुए।
भारत और रूस ने 200 कामोव हेलीकाप्टरों के संयुक्त उत्पादन के लिए समझौते पर दस्तखत किए। भारत और रूस ने चार नौसैनिक फ्रिगेट और वायुरक्षा प्रणालियों की खरीदारी के लिए भी समझौते पर हस्ताक्षर किये। इसके अतिरिक्त ऊर्जा, विद्युत, पोतनिर्माण, अंतरिक्ष और स्मार्ट सिटी पर सहयोग के विभिन्न समझौतों पर साइन किए गए।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुडनकुलम परमाणु संयंत्रण की इकाई 3 और 4 की बुनियाद रखी। भारत और रूस दोनो ही ऊर्जा तथा बुनियादी ढांचे के निर्माण की फील्ड में भी सहयोग करने जा रहे हैं।
रूसी कंपनी रोजनेफ्ट और उसके भागीदारों ने एस्सार ऑयल की रिफाइनरी, बंदरगाह और पेट्रोल पंप कारोबार को खरीदा है. एस्सार के इस व्यापार का मूल्य 12.9 अरब डॉलर आंका गया है। एस्सार और रोजनेफ्ट के बीच यह सौदा नकदी में होगा और इसके अगले साल पहली तिमाही तक संपन्न होने की उम्मीद है।
भारती के प्रधानमंत्री मोदी ने भारत एवं रूस के रिश्तों के बारे में कहा कि सचमुच हमारे बीच विशिष्ट एवं अनूठे रिश्ते हैं. हम सरहद पार आतंकवाद से निबटने के मुद्दे पर रूस की समझ और समर्थन की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निबटने की जरूरत पर रूस का स्पष्ट दृष्टिकोण हमारे अपने रूख को प्रतिबिंबित करता है।
ज्ञात रहे कि भारत, दुनिया का सबसे अधिक रक्षा संबंधी उपकरण व तकनीक का आयातक है। फिलहाल भारत अपने सोवियत युग के मिलिट्री उपकरणों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया में है। शीत युद्द के समय से भारत, रूस का सबसे करीबी सैन्य सहयोगी रहा है। भारत ही रूस से सबसे ज्यादा रक्षा उपकरण आयात करता रहा है हालांकि हालिया वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंध होने के बाद से भारत ने यूएस से अधिक हथियार आयात किए हैं।