भोपाल एनकाउन्टर की न्यायिक जांच होः मायावती-लालू यादव
राष्ट्रीय जनता दल और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भोपाल एनकाउन्टर की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भोपाल में केंद्रीय कारागार से भागे सिमी के आठ कार्यकर्ताओं की पुलिस से मुठभेड़ के मामले की जांच कराए जाने की मांग की है। लालू यादव ने कहा कि यह मुडभेड़, सच है या झूठ इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में संदेह पाया जाता है।
लालू प्रसाद ने कहा कि देश की सुरक्षा के मामले में केंद्र सरकार पूरी तरह असफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का कोई कंट्रोल नहीं रह गया है। प्रतिदिन सीमा पर हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं।
दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस के हवाले से जो खबर आम हुई है उसके हिसाब से सिमी संगठन से सम्बद्घ 8 फरार आतंकवादी निहत्थे थे जिन्हें बहुत ही आसानी से दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता था। मायावती ने कहा कि ऐसा करने का प्रयास तक नहीं किया गया इस प्रकार यह मामला संदिग्ध लगता है अतः इस पुलिस मुठभेड़ की घटना की न्यायिक जांच होनी ही चाहिए।
बसपा अध्यक्ष ने कहा है कि वैसे भी भाजपा-शासित राज्यों में जिस प्रकार से पुलिस का राजनीतिक व साम्प्रदायिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए इस्तेमाल हो रहा है, वह किसी से ढका-छिपा नहीं है। पूरे देश को मालूम है मध्य प्रदेश की पुलिस ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की जांच स्वतंत्रतापूर्वक न करके सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने का काम किया था।
मायावती ने कहा कि कई घटनाएं हैं जिनसे यह साफ प्रतीत होता है कि मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संकीर्ण व सांप्रदायिक एजेंडे को इस राज्य में सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस महकमे का लगातार ग़लत इस्तेमाल कर रही है।
उल्लेखनीय है कि रविवार देर रात भोपाल के केंद्रीय कारागार से सिमी के आठ आतंकवादी एक प्रहरी की गला रेतकर हत्या करके और एक अन्य को बंधक बनाने के बाद फरार हो गए थे, जिन्हें कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने राजधानी से 25 किलोमीटर दूर गुनगा थाना क्षेत्र के अचारपुरा के जंगल में कथित रुप से मार गिराया।