"अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान की अघोषित जंग"
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि उसने उनके देश के खिलाफ अघोषित जंग शुरु कर रखी है।
अशरफ ग़नी ने रविवार को भारत के अमृतसर में आयोजित हार्ट आफ एशिया सम्मेलन में अपने भाषण में कहा कि पाकिस्तान के साथ अफगानिस्तान के द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों के बावजूद अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन पर ब्रसल्स में आयोजित हालिया सम्मेलन के बाद अघोषित युद्ध तेज़ हो गया है जो सन 2014 की सर्दियों में आरंभ किया गया था। अफगान राष्ट्रपति ने एक अंतरराष्ट्रीय प्रणाली स्थापित करने की मांग की ताकि पिछले कुछ महीने में बढ़ने वाले ऐसे हमलों की जांच की जा सके। उन्होंने आतंकवाद को रोकने के लिए एक वैश्विक कोष बनाने की भी मांग की।
अशरफ गनी ने कहा कि एक एशियाई या अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, जो भी पाकिस्तान को स्वीकार्य हो, बनाई जानी चाहिए ताकि सीमावर्ती गतिविधियों और आतंकवादी अभियानों की जांच की जा सके।
उन्होंने कहा कि तालिबान के एक सरगना ने हाल ही में कहा है कि अगर पाकिस्तान में हमारा ठिकाना न होता तो हम एक महीने भी नहीं टिक पाते।
अशरफ गनी ने कहा कि अफगानिस्तान में तीस आतंकवादी गुट , जिन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ आतंकवादी घोषित कर चुका है, हमारे देश में ठिकाना बना कर अफगानिस्तान और पूरे क्षेत्र में अशांति फैलाने का इरादा रखते हैं।
उन्होंने कहा कि हम आरोप-प्रत्यारोप नहीं चाहते हम जांच द्वारा सच्चाई चाहते हैं। गनी ने अफगानिस्तान के सत्तापरिवर्तन में भारत की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने यह भी कहा कि हम अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए 50 करोड़ डॉलर के संकल्प के लिए पाकिस्तान के आभारी हैं । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों का समर्थन जारी रखेगा तो कोई भी धनराशि अफगानिस्तान की सहायता नहीं कर सकती। (Q.A.)