ग़दीर; पनडुब्बी निर्माण के स्थानीयकरण की दिशा में ईरान का बड़ा क़दम
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पार्सटुडे – विश्व भर में नौसेना को क्षेत्रीय और पार-क्षेत्रीय जल में हितों की रक्षा के लिए एक केंद्रीय शाखा माना जाता है और इसलिए यह हमेशा एक उपकरण-केंद्रित बल होती है जिसे आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता होती है।
(last modified 2026-06-14T08:05:40+00:00 )
Jun १४, २०२६ १३:३२ Asia/Kolkata
  • ईरानी पनडुब्बी ग़दीर
    ईरानी पनडुब्बी ग़दीर

पार्सटुडे – विश्व भर में नौसेना को क्षेत्रीय और पार-क्षेत्रीय जल में हितों की रक्षा के लिए एक केंद्रीय शाखा माना जाता है और इसलिए यह हमेशा एक उपकरण-केंद्रित बल होती है जिसे आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता होती है।

पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस्लामी गणराज्य ईरान की सेना की नौसेना को भी अपने मिशनों को पूरा करने, ईरान के जल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पार-क्षेत्रीय अभियानों के लिए स्वदेशी उपकरणों और हथियारों की आवश्यकता है जिसमें विभिन्न प्रकार की पनडुब्बियाँ शामिल हैं।

 

फार्स की खाड़ी की पर्यावरणीय स्थितियाँ – जिसकी गहराई कुछ दसियों मीटर है – हुरमुज जलडमरूमध्य और ईरान के तटीय जल, एक विशेष डिजाइन वाली पनडुब्बी की मांग करते हैं। मूल रूप से फार्स की खाड़ी एक छोटे और अधिकतर उथले जल क्षेत्र के रूप में अधिकांश पनडुब्बियों के लिए एक बड़ी चुनौती है यहाँ तक कि सामान्य वजन वाले डीजल-इलेक्ट्रिक प्रकारों के लिए भी। फार्स की खाड़ी में पनडुब्बी युद्ध के लिए एक छोटे और हल्के जहाज की आवश्यकता होती है जिसे कम लागत और निश्चित रूप से कम चालक दल के साथ संचालित किया जा सके।

 

इन विचारों को ध्यान में रखते हुए, पनडुब्बी "नहंग" पहला डिज़ाइन था जो ईरान के भीतर रक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालयों की भागीदारी से सफल हुआ, और पहले कदम के रूप में एक शोध परियोजनी के तौर पर इस्लामिक गणराज्य ईरान की सेना की रणनीतिक नौसेना में सेवा में लाया गया।

 

नहंग पनडुब्बी के डिजाइन और निर्माण से प्राप्त अनुभवों के साथ ग़दीर पनडुब्बी को एक विदेशी डिजाइन के आधार पर उत्पादन लाइन में रखा गया, और धीरे-धीरे इसकी बड़ी संख्या नौसेना में सेवा में आ गई। रियर एडमिरल अमीर रस्तगारी, जो उस समय सशस्त्र बलों के समुद्री उद्योग संगठन के प्रमुख थे, ने दिसंबर 2018 में घोषणा किया कि ग़दीर पनडुब्बी का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा घरेलू स्तर पर निर्मित है और यह 12 वर्षों से उत्पादन लाइन में है।

 

ग़दीर-श्रेणी की पनडुब्बियों का उत्पादन लगभग 2006 में शुरू हुआ और 2018 में उनमें से अंतिम नौसैना को सौंपी गई। कुछ अनुमानों के अनुसार इस प्रकार की 21 पनडुब्बियों का निर्माण किया गया है और वे सक्रिय हैं। पहली ग़दीर पनडुब्बी के निर्माण में 4 वर्ष लगे लेकिन ग़दीर 955 पनडुब्बी का डिजाइन और उत्पादन 18 महीनों में पूरा हुआ। ग़दीर पनडुब्बी में 75 विभिन्न स्वदेशी तकनीकों का उपयोग किया गया है।

 

सामान्य दृष्टि

 

ग़दीर-श्रेणी की पनडुब्बियों को पनडुब्बी जहाजों के बड़े पैमाने पर निर्माण और उत्पादन के क्षेत्र में ईरान का पहला गंभीर और सफल प्रयास माना जा सकता है। वर्तमान में यह कहा जा सकता है कि इस्लामिक गणराज्य ईरान दुनिया में "मिडजेट" (Midjet) नामक हल्की पनडुब्बियों के बेड़े के निर्माताओं और धारकों में से एक के रूप में जाना जाता है।

 

हाल के वर्षों में ग़दीर-श्रेणी की पनडुब्बियों के बेड़े में बहुत विशेष और महत्वपूर्ण क्षमताएँ भी जोड़ी गई हैं और ग़दीर के नए संस्करण धीरे-धीरे अधिक उन्नत उपकरणों से लैस हो गए हैं जैसे कि आज यह पनडुब्बी उन्नत पहचान प्रणालियों से सुसज्जित है और इसमें जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलें दागने की क्षमता भी है।

 

ग़दीर पनडुब्बी की लंबाई 29 मीटर शरीर की चौड़ाई लगभग 2 मीटर और 75 सेंटीमीटर है और इसका विस्थापन भार 115 टन है। इसका अधिकतम वजन 150 टन, चालक दल 8 से 12 सदस्य, गति 11 समुद्री नॉट और परिचालन सीमा 1000 किलोमीटर है। इसमें दो अग्र भागों से टारपीडो दागने, विभिन्न प्रकार के समुद्री खानें बिछाने, कमांडो बलों और पोर्टेबल मिसाइलों को ले जाने की क्षमता है और पानी के नीचे से गोताखोर बलों के निकास के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की गई हैं।

 

यह पनडुब्बी समुद्र तल पर टिकने की क्षमता रखती है और इस स्थिति में रडार प्रणालियाँ इसका पता लगाने में असमर्थ होती हैं। 533 मिलीमीटर व्यास वाले दो लंबी दूरी के तारपीडो कक्ष, जिनसे जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं, ग़दीर पनडुब्बी के सामने लगे हुए हैं। mm