भारत का मिसाइल परीक्षण
भारत ने अंतरमहाद्वीय मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया जो परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम है। अग्नि-5 का यह चौथा और आख़िरी परीक्षण था।
इस मिसाइल का कई साल से परीक्षण किया जा रहा था। अग्नि-5 मिसाइल लंबी दूरी की मारक क्षमता रखता है और एक टन का वारहेड अपने साथ ले जा सकता है। भारत इससे पहले अग्नि-1, अग्नि-2, अग्नि-3 और अग्नि-4 मिसाइल बना चुका है।
टीकाकारों का कहना है कि पाकिस्तान के साथ हालिया महीनों में तनाव बढ़ने के बाद भारत का मिसाइल परीक्षण विशेष अर्थ रखता है। पाकिस्तान के कुछ अधिकारियों ने तनाव के दौरान इस प्रकार के बयान दिए थे कि ज़रूरत पड़ने पर पाकिस्तान परमाणु हथियार का प्रयोग भी कर सकता है। भारत और पाकिस्तान अब तक तीन युद्ध लड़ चुके हैं लेकिन इस समय दोनों देशों और क्षेत्र की जो स्थिति है उसे देखते हुए नहीं लगता कि कोई नया युद्ध हो सकता है। भारत और पाकिस्तान अपनी प्रतिरोधक नीति के तहत एक दूसरे पर अपनी परमाणु शक्ति जताते हैं।
अग्नि-5 मिसाइल के परीक्षण से यह भी साफ़ है कि दोनों देशों के बीच हथियारों की होड़ जारी रहेगी। हथियारों की इस होड़ में अमरीका की भूमिका की भी अनदेखी नहीं की जा सकती। भारत और पाकिस्तान अपने बजट का बहुत बड़ा भाग रक्षा के क्षेत्र पर ख़र्च करते हैं। भारत का नया मिसाइल परीक्षण देश की सशस्त्र सेनाओं की ज़रूरत पूरी करने से बढ़कर पाकिस्तान के लिए संदेश है कि भारत अपने हितों पर पाकिस्तान के किसी भी संभावित हमले का तत्काल ठोस जवाब देगा। दोनों देशों के बीच हथियारों की दौड़ और शक्ति के संतुलन का बिगड़ना बड़ी शक्तियों को हस्तक्षेप का अवसर प्रदान कर सकता है।