भारत में लौट सकते हैं दाइश के आतंकी
भारत की ख़ुफ़िया एजेन्सियों ने इराक़ और सीरिया में दाइश में शामिल लोगों की भारत वापसी और संभावित आतंकी हमलों की ओर से सचेत किया है।
भारतीय ख़फ़िया एजेन्सियों के बयान में इस बात पर चिंता व्यक्त की गयी है कि यह लोग संभावित रूप से भारत लौट सकते हैं और स्थानीय युवाओं को अपने गुट में शामिल कर सकते हैं। भारत की गुप्तचर संस्थाओं का कहना है कि 40 अब 50 भारतीय नागरिक सीरिया और इराक़ में दाइश के आतंकी गुट में शामिल हैं।
भारतीय ख़ुफ़िया एजेन्सी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रणक्षेत्र में दाइश की पराजय और बहुत से क्षेत्रों के उसके हाथ से निकल जाने के कारण दाइश में शामिल भारतीय नागरिक संभावित रूप से भारत लौट सकते हैं और देश की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा होगा।
इराक़ और सीरिया में दाइश की निरंतर पराजय के बाद, दाइश में शामिल युवाओं की स्वदेश वापसी, इन देशों के लिए बहुत अधिक ख़तरे की बात है जहां दाइश में शामिल से पहले युवा जीवन व्यतीत करते थे। हालिया तीन वर्षों के दौरान भारत के लिए दाइश का ख़तरा, एक गंभीर सुरक्षा चिंता रहा है क्योंकि कहा जाता है कि भारत में मौजूद कुछ लोग युवाओं के बीच इन्टरनेट के माध्यम से चरमपंथी विचारधारा फैला रहे हैं और सीरिया और इराक़ में सक्रिय दाइश के लिए युवाओं की भर्ती कर रहे हैं।
भारत की ख़ुफ़िया एजेन्सियों ने एेसी स्थिति में यह अलर्ट जारी किया है कि पिछले महीने ही दाइश ने भारत को धमकी दी थी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि भारत की ख़ुफ़िया एजेन्सियों के पास दाइश में शामिल भारतीय नागरिकों का विवरण नहीं है और यदि गुप्त रूप से यह लोग भारत में प्रविष्ट हो भी गये तो भारतीय अधिकारियों को उनकी गिरफ़्तार और पहचान में बहुत अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। संभावित रूप से यदि दाइश के सदस्य भारत में प्रविष्ट हुए तो वह गुप्त रास्तों और ग़ैर क़ानूनी तरीक़ों का प्रयोग कर सकते हैं। (AK)