सीआईएसएफ के जवान ने की अपने ही साथियों की हत्या
https://parstoday.ir/hi/news/india-i34000-सीआईएसएफ_के_जवान_ने_की_अपने_ही_साथियों_की_हत्या
भारत के बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िले में सीआईएसएफ के एक जवान ने गोली चलाकर अपने 4 साथियों की हत्या कर दी। 
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan १२, २०१७ १४:०५ Asia/Kolkata
  • सीआईएसएफ के जवान ने की अपने ही साथियों की हत्या

भारत के बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िले में सीआईएसएफ के एक जवान ने गोली चलाकर अपने 4 साथियों की हत्या कर दी। 

बताया जाता है कि इस जवान ने छुट्टी पर हुए विवाद के कारण गोलीबारी की थी।

औरंगाबाद के नबीनगर प्रखंड स्थित नबीनगर पावर जेनेरेटिंग कंपनी में सुरक्षा के लिए तैनात केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान द्वारा छुट्टी पर जाने को लेकर हुए विवाद के दौरान अपने साथियों पर गुरुवार को की गई।  इस गोलीबारी में चार जवानों की मौत हो गई।

पुलिस अधीक्षक डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि गोलीबारी करने वाले जवान बलबीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि बलबीर ने छुटटी पर जाने के लिए आवेदन दिया था और उन्हें छुट्टी नहीं मिल पाई। किसी दूसरे जवान द्वारा इस बात को लेकर उनपर तंज कसे जाने पर उन्होंने आवेश में आकर अपनी राइफल से गोलीबारी कर दी जिसकी चपेट में चार जवान आ गए।

उन्होंने बताया कि बलबीर द्वारा की गई गोलीबारी में दो जवानों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल दो अन्य जवानों को पडोसी रोहतास जिला स्थित नारायण मेडिकल कॅालेज अस्पताल ले जाए जाने पर उन्हें चिकित्सकों ने मृत लाया हुआ घोषित कर दिया।

ज्ञात रहे कि पिछले कुछ दिनों के दौरान सीआईएसएफ के जवान की ओर से एसी शिकायतें सामने आई हैं जिनमें उनके साथ भेदभाव किया जाता है। आज ही मथुरा के सौंख क्षेत्र में रहने वाले सीआरपीएफ के जवान ने सेना व सीआरपीएफ के बीच सुविधाओं के बड़े अंतर पर सवाल खड़े करते हुए प्रधानमंत्री से इसे खत्म करने की गुहार लगाई है।  जीत सिंह ने वीडियो के माध्यम से बताया है कि देश में ऐसी कोई ड्यूटी नहीं, जिसे सीआरपीएफ के जवान नहीं करते।  उसने कहा कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे से लेकर संसद भवन, चुनाव, वीआईपी व वीवीआईपी सुरक्षा में सीआरपीएफ को भी लगाया जाता है। इसके बाद भी सीआरपीएफ को वे सुविधाएं नहीं मिल पातीं जो सेना को मिलती हैं।

सीआईएसएफ के इस जवान ने कहा है कि सेना को चिकित्सा, कैंटीन व सफर में आरक्षण जैसी सुविधाएं मिलती हैं। सेवानिवृत्ति के बाद सेना के जवानों को अन्य संस्थानों में प्राथमिकता के आधार पर काम मिल जाता है, जबकि सीआईएसएफ के जवानों को ये सुविधाएं नहीं मिलती हैं।  सीआईएसएफ के जवान का कहना है कि शिक्षकों को हमसे अधिक वेतन मिलता है। वो सभी छुट्टियों का लाभ भी लेते हैं। लेकिन सीआईएसएफ में छुट्टियां समय से नहीं मिलतीं। क्या हम लोग इसके हकदार नहीं। सीआईएसएफ के इस जवान ने भारतीय प्रधानमंत्री से इस अंतर को खत्म करने की मांग की गई है।  अंत में जवान ने वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने का आह्वान किया है।

ज्ञात रहे कि जीत सिंह एक गरीब खेतिहर किसान का बेटा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स में वह 20 मार्च 2012 में मणिपुर से भर्ती हुआ था। फिलहाल उसकी तैनाती माउंट आबू में है।