मुलायम झुके, कहा पार्टी का मार्गदर्शक हूं
समाजवादी पार्टी में महीनों से जारी विवाद पर शुक्रवार को चुनाव आयोग में सुनवाई हुई जिसके दौरान मुलायम सिंह ने कहा कि वह पार्टी के मार्गदर्शक हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुनवाई के दौरान मुलायम सिंह ने स्वीकार कर लिया कि वह पार्टी के मार्गदर्शक हैं। उनका कहना था कि अब पार्टी में कोई विवाद नहीं है और यह पूरी तरह से आंतरिक मामला है।
सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग के सामने चर्चा रामगोपाल यादव के हलफ़नामे से शुरु हुई जिसमें आयोग को बताया गया था कि समाजवादी पार्टी के नए अध्यक्ष अखिलेश यादव बने हैं और पार्टी के आधे से ज्यादा सांसद, विधायक और एमएलसी का समर्थन अखिलेश को प्राप्त हैं इसलिए पार्टी और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर उनका हक है। इस हलफ़नामे के विरोध में मुलायम सिंह के वकील ने कहा कि रामगोपाल के हलफनामे में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि पार्टी का विभाजन हुआ है या बंटवारा हुआ है, तो फिर जब पार्टी में कोई विभाजन हुआ ही नहीं तो पार्टी और चुनाव चिन्ह दोनों पर ये दावा कैसे कर सकते हैं।
मुलायम सिंह के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह का दावा आयोग के सामने मज़बूत हो गया और अब वह चुनाव चिन्ह पर दावा करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले आयोग के सामने अखिलेश सिंह याव का दावा पेश कर रहे वकील कपिल सिबल ने कहा कि मुलायम के समर्थन में केवल 12 विधायक हैं वहीं अखिलेश के साथ बहुमत है। ऐसे में चुनाव चिन्ह उसे मिलना चाहिए जिसके पास बहुमत है।
चुनाव आयोग यह जानना चाहता है कि पार्टी में विवाद की स्थिति है या विभाजन हुआ है या नहीं। (AK)