शरीया में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं- पर्सनल ला बोर्ड
आल इन्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धार्मिक क़ानूनों में किसी भी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप सहन नहीं किया जाएगा।
बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने बोर्ड की कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के दूसरे और अंतिम दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बोर्ड ने तीन तलाक़ की व्यवस्था में किसी भी तरह का परिवर्तन करने से इंकार किया है लेकिन साथ ही तलाक के लिए एक आचार संहिता भी जारी की और बिना किसी शरई कारण के एक ही बार में तीन तलाक देने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने का एलान किया।
लखनऊ के नदवा कॉलेज में दो दिन तक चली बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने बताया कि हिन्दुस्तान के अधिकतर मुसलमान, मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी भी तरह का बदलाव नहीं चाहते।
उन्होंने बताया कि बोर्ड ने यह भी फैसला किया है कि बाबरी मस्जिद के सिलसिले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को ही स्वीकार किया जाएगा।
दूसरी ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं हैं। भारतीय प्रधानमंत्री ने तीन तलाक़, पिछड़े मुसलमान, अवॉर्ड वापसी और ईवीएम मशीनों जैसे मुद्दों के माध्यम से न केवल विपक्ष पर निशाना साधा बल्कि बीजेपी नेताओं को भी संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कहा कि वैसे तो बीजेपी नेता बोलने में बहुत अच्छे हैं, लेकिन जब सत्ता में हों तो उन्हें चुप रहने की कला सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें ये कला सीखनी चाहिये कि कब क्या बोलना और क्या नहीं बोलना है क्योंकि एक विवादित बयान कई कामों पर पानी फेर देता है।