ईवीएम में छेड़छाड़ की खुली चुनौती 3 जून से, चुनाव आयोग
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भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने विपक्षी दलों के इस दावे को रद्द करते हुए कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के सिस्टम से छेड़छाड़ की जा सकती है, कहा कि इन मशीनों के सिस्टम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती क्योंकि अगर कोई छेड़छाड़ की कोशिश करता है तो मशीनें अपने आप बंद हो जाती हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २०, २०१७ १३:४६ Asia/Kolkata
  • 20 मई 2017 को मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने 3 जून से ईवीएम से छेड़छाड़ चुनौती में राजनैतिक दलों को आमंत्रित किया
    20 मई 2017 को मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने 3 जून से ईवीएम से छेड़छाड़ चुनौती में राजनैतिक दलों को आमंत्रित किया

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने विपक्षी दलों के इस दावे को रद्द करते हुए कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के सिस्टम से छेड़छाड़ की जा सकती है, कहा कि इन मशीनों के सिस्टम से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती क्योंकि अगर कोई छेड़छाड़ की कोशिश करता है तो मशीनें अपने आप बंद हो जाती हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मतदान के साथ ही मशीनों को ऐक्टिवेट करता है जिसका कोड एक ही बार प्रयोग में लाया जा सकता है।

नसीम ज़ैदी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कि जिसमें राजनैतिक दलों को आमंत्रित नहीं किया गया था, कहा कि चुनाव आयोग सभी पार्टियों की शंकाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और हमने 12 मई को सर्वदलीय बैठक के दौरान ईवीएम से जुड़ी शंकाओं का समाधान कर दिया था।  

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने कहा कि देश में बनी ईवीएम मशीनें हैकिंग से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि ईवीएम में छेड़छाड़ की खुली चुनौती 3 जून से शुरु होगी जिसमें पार्टियां भाग लेकर अपना आरोप साबित करें। उन्होंने कहा कि आगामी सभी चुनाव अब वीवीपीएटी मशीनों द्वारा होंगे कि जिससे निकली पर्ची से मतदाताओं को मालूम होगा कि उनका वोट किसको गया है।

चुनाव आयोग ने इससे पहले दो घंटे तक ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों का डेमो किया।  

ग़ौरतलब है कि 2004 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम का पूरे देश में प्रयोग शुरु हुआ था जिसके बाद ईवीएम पर सवाल उठने लगे थे और 2009 में ख़ुद भाजपा ने ईवीएम को लेकर धांधली का आरोप लगाया था। हाल ही में अनेक राजनैतिक दलों ने बैलेट पेपर से चुनाव आयोजित कराने की मांग की थी। (MAQ/N)