बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा
हिज़बुल मुजाहेदीन के कमांडर बुरहान वानी की बरसी के दृष्टिगत कश्मीर में तनाव बढ़ गया है।
कश्मीरी छापामारों ने जहां विरोध प्रदर्शनों का पूरे सप्ताह का कार्यक्रम बनाया है वहीं पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी कमर कस ली है।
गुरुवार रात से अगले आदेश तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और सोशल मीडिया साइट्स को बंद करने का आदेश दिया गया है। जुमे की नमाज़ के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते श्रीनगर के कम से कम 7 थानाक्षेत्रों में शुक्रवार को कर्फ्यू रहेगा। सभी अलगाववादी नेताओं को घरों मे नजरबंद किया गया है।
समस्त संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ाते हुए 21 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। कश्मीर में गुरूवार रात को इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। ब्राडबैंड सेवा की गति को भी काफी सीमित कर दिया गया। बनिहाल-बारामुला रेलसेवा को अगले 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा उत्तरी कश्मीर के पांच थाना क्षेत्रों के अतिरिक्त दक्षिणी कश्मीर के भी कई क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह सभी पाबंदियां सात और आठ जुलाई तक लागू रहेंगी। इसी बीच जम्मू में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
श्रीनगर में आने वाले सभी रास्ते व त्राल जाने वाली सड़कें भी सील की गई हैं। सीआरपीएफ, सेना और राज्य पुलिस के जवानों के संयुक्त कार्यदल छापामारों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। नागरिक सचिवालय, रेडियो स्टेशन, दूरदर्शन केंद्र, और एमएलए हॉस्टल सहितत राज्य व केंद्र सरकार के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को चाक़ोचौबंद बनाया गया है।
उल्लेखनीय है कि 8 जूलाई 2016 को भारीय सुरक्षा बलों ने हिज़बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी और उसके दो साथियों को एक झड़प के दौरान मार दिया था। उनकी मौत के बाद कश्मीर घाटी में लगातार पांच महीनों तक हड़ताल व हिंसक प्रदर्शनों का दौर जारी रहा था।