कश्मीर में बुरहान वानी की पहली बरसी पर प्रदर्शन हुए
भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादी कमान्डर बुरहान वानी की पहली बरसी पर कर्फ़्यू के बावजूद भारत विरोधी प्रदर्शन हुए।
श्रीनगर से संवाददाता के अनुसार, अलगाववादी संगठन हिज़्बुल मुजाहेदीन के भूतपूर्व कमान्डर बुरहान वानी की पहली बरसी के मौक़े पर प्रशासन की ओर से सभी 10 ज़िलों में कर्फ़्यू लगाए जाने के बावजूद, अनेक क्षेत्रों में भारत विरोधी ज़ोरदार प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन के दौरान लोगों और पुलिस के बीच झड़प में अनेक लोग घायल हुए और दर्जनों लोगों को प्रदर्शन करने के कारण गिरफ़्तार किया गया।
दक्षिणी कश्मीर सेना की छावनी का मंज़र पेश कर रहा है। जहां चप्पे चप्पे पर सेना, अर्ध सैनिक बल और पुलिस के जवान तैनात थे। सेना ने दक्षिणी कश्मीर के अनेक क्षेत्रों में फ़्लैग मार्च किया लेकिन इसके बावजूद भी बड़ी संख्या में लोगों ने तराल क़स्बे और पुलवामा में कर्फ़्यू को धता बताते हुए मार्च करने का भरपूर प्रयास किया जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम बना दिया। इस दौरान लोगों और सुरक्षा बल के बीच झड़पें हुयीं जिसमें अनेक लोग घायल हुए। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन कर रहे दर्जनों लोगों को गिरफ़्तार भी कर लिया।
ग़ौरतलब है कि राज्य प्रशासन ने दक्षिणी कश्मीर और श्रीनगर में घोषित कर्फ़्यू और घाटी के अन्य ज़िलों में ग़ैर एलानिया कर्फ़्यू लगाया था।
तराल क़स्बा को, जहां बुरहान वानी की पहली बरसी के संबंध में अलगाववादी दलों की अपील पर एक जनसभा के आयोजन का एलान हुआ था, सुरक्षा बलों ने पूरी तरह सील कर दिया था। सभी रास्तों को कांटेदार तारों से बंद कर दिया गया था।
कश्मीर के लगभग सभी ज़िलों में कर्फ़्यू के बावजूद प्रदर्शन की कोशिश हुयी।
पुलिस ने सभी अलगाववादी नेताओं को उनके घरों में नज़रबंद कर रखा था। (MAQ/N)