गोरक्षा के नाम पर मुसलमानों की हत्या के गंभीर परिणाम निकलेंगेः बुख़ारी
दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा है कि गोरक्षा के नाम पर मुस्लिमों को मारा गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
बुखारी ने लिखा है कि बकरीद के मौके पर जानवरों की कुर्बानी देना इस्लामिक परंपरा रही है और इसमें किसी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए।
दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर ईद-उल-अज़हा या बक़रीद पर मुस्लिमों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अपने पत्र में शाही इमाम ने लिखा है कि सरकार यह सुनिश्चित कराए कि बकरीद के मौके पर भैंसों और बकरियों को ढोने वाले लोगों पर कोई अत्याचार न हो। अहमद बुख़ारी ने लिखा है कि हमलोग गोहत्या के समर्थक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गाय के साथ धर्म विशेष के लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं इसलिए हम भी उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन जो लोग बकरियों या भैंसों की ढुलाई में लगे हैं और उन्हें जानवरों की रक्षा के नाम पर यदि मारा-पीटा गया तो इससे भारत में माहौल बिगड़ सकता है।
शाही इमाम बुख़ारी ने लिखा है कि बक़रीद के मौके पर जानवरों की कुर्बानी देना मुस्लिम धर्म की परंपरा रही है अतः इसमें किसी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। बुखारी ने लिखा है कि जब मुसलमान किसी के धार्मिक आयोजन में व्यवधान नहीं खड़ा करते तो मुस्लिमों को भी उनकी धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में किसी को बाधा नहीं डालना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के शाही इमाम ने सरकार को ऐसे समय में पत्र लिखा है कि जब हालिया के दिनों में गौरक्षकों द्वारा पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर बीफ के मात्र संदेह में मुसलमानों की पिटाई और हत्याएं की जा रही हैं।