डोकलाम में भारतीय सैनिकों को अधिक देर बर्दाश्त नहीं करेगा चीन,
चीन ने बीजिंग में मौजूद विदेशी कूटनयिकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि डोकलाम में चीनी सेना भारतीय सैनिकों के मुक़ाबले में संयम का प्रदर्शन कर रही है लेकिन यह ज़्यादा देर तक नहीं चलेगा।
भारतीय मीडिया में आए समाचारों के अनुसार बीजिंग में मौजूद कूटनयिक वर्ग में चिंता बढ़ गई है और बहुत से कूटनयिक अपने भारतीय व भूटानी समकक्षों को चीन का यह संदेश पहुंचा चुके हैं। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय सेना की ओर से डोकलाम में चीनी सड़कों पर जारी काम रोक दिया गया था जिसके बाद से चीनी औज्ञ भारतीय सैनिक आमने सामने हैं।
बीजिंग की ओर से बार बार यह मांग की जा रही है कि नई दिल्ली इस मामले में अपने रुख़ से पीछे हटे।
सूत्रों के हवाले से भारतीय मीडिया में यह ख़बर आई है कि चीनी अधिकारियों ने बीजिंग में मौजूद कूटनयिकों को बंद कमरे में अपने पक्ष से अवगत कराया है साथ ही जी20 के कई सदस्य देशों को भी इस मामले में ब्रीफ़िंग दी है।
चीन की ओर से कूटनयिक वर्ग को बताया गया है कि असली विवाद चीन और भूटान का है लेकिन भारतीय सेना ज़बरदस्ती इसमें शामिल होने की कोशिश कर रही है।
कुछ कूटनयिक सूत्रों ने बताया कि उनके सहयोगियों ने बीजिंग में चीनी अधिकारियों की ब्रिफ़िंग में भाग लिया था जहां चीनी अधिकारियों ने यह बताया कि चीनी सेना भारतीय सैनिकों को ज़्यादा बर्दाश्त नहीं करेगी। चीनी अधिकारियों ने कूटनयिकों को यह भी बताया है कि भारत चीनी इलाक़े में दाख़िल होकर स्टेटस बदल चुका है।
चीनी अधिकारियों का यह बयान भारत के दृष्टिकोण से अलग है। भारत सरकार ने 30 जून को एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि नई दिल्ली को हालिया चीनी गतिविधियों पर गहरी चिंता है और इस बारे में चीनी अधिकारियों को सूचित भी किया जा चुका है कि डोकलाम में सड़क निर्माण पूरा हो जाता है तो इससे चीन को भारत पर स्ट्रैटेजिक बढ़त मिल जाएगी।
चीन की ओर से यह कहा गया है कि उसके पास ठोस साक्ष्य हैं कि डोकलाम चीन का भाग है और हमेशा से चीन के सीमावर्ती निवासियों के लिए पारम्परिक चरागाह रहा है। चीनी अधिकारियों ने कूटनयिकों से कहा है कि भारत अपने सैनिकों को तत्काल वापस बुलाए जिसके बाद भारत और चीन के बीच सार्थक वार्ता हो सकती है।
मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि भारत राजनैतिक लक्ष्य साधने के लिए डोकलाम में हस्तक्षेप को मुहरे के रूप में प्रयोग न करे।