ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री के भारत दौरे का लक्ष्य
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री के भारत दौरे का लक्ष्य
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री जूली बिशप मंगलवार को भारत के दौरे पर नई दिल्ली पहुंची।
जूली बिशप ने इससे पहले कहा था कि उनका देश भारत के साथ व्यापार, सुरक्षा व रक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में रूचि रखता है। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र परमाणु सहयोग और कैनबरा की ओर से नई दिल्ली को यूरेनियम बेचना है कि जिसका रास्ता 2008 में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की ओर से नई दिल्ली के साथ परमाणु व्यापार पर लगी रोक के हटने से समतल हुआ।
भारत ने पिछले कई साल के दौरान बारंबार ऑस्ट्रेलिया से यूरिनयम ख़रीदने में अपनी रूचि ज़ाहिर की क्योंकि ये पदार्थ भारत की परमाणु गतिविधियों में स्थिरता के लिए बहुत अहमयित रखता है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री के भारत दौरे का एक लक्ष्य दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर सहयोग में विस्तार भी है।
इसी प्रकार दोनों देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ सहयोग को भी बहुत ज़रूरी मानते हैं ख़ास तौर पर समुद्र के मार्ग से आतंकवाद को रोकने के लिए इस क्षेत्र में सहयोग को बहुत ज़रूरी समझते हैं।
इसके अलावा भारत का 1 अरब से ज़्यादा आबादी वाला विशाल उपभोग बाज़ार भी ऑस्ट्रेलिया की कंपनियों के लिए बहुत अहमियत रखता है। भारत को भी अपने आर्थिक विकास की दर को 6 फ़ीसद से ज़्यादा करने के लिए विदेशी पूंजिनिवेश की ज़रूरत है। विदेशी पूंजिनिवेश के क्षेत्र में वह ऑस्ट्रेलिया की क्षमता से फ़ायदा उठा सकता है।(MAQ/T)