भारतीय सैनिक भी माॅब लिंचिंग से नाराज़, प्रधानमंत्री को लिखा ख़त
भारत के बहुत से सेवा निवृत्त सैनिकों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर माॅब लिंचिंग का विरोध किया है।
मॉब लिंचिंग या भीड़ के हाथों अकारण लोगों के मारे जाने से नाराज़ भारत के 114 पूर्व सैनिकों ने इस देश के प्रधानमंत्री मोदी को ख़त लिखा है।
भारतीय सेना के तीनों अंगों के 114 रिटायर्ड सैनिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गौरक्षकों द्वारा मुस्लिमों और दलितों पर किए गए हमलों की निंदा की है। सेवा निवृत्त इन सैनिकों ने भारत में भय का वातावरण फैलाने की निंदा की है। 30 जूलाई को लिखे गए इस पत्र पर 114 रिटायर्ड सैनिकों के हस्ताक्षर हैं।
पत्र में लिखा गया हैं कि इस समय जो कुछ भी भारत में हो रहा है उसने हमें अपनी नाराज़गी प्रकट करने के लिए मजबूर किया है। इस तरह के माहौल से देश बंट रहा है। ख़त में लिखा गया है कि असहमत होना देशद्रोह नहीं होता बल्कि यह तो लोकतंत्र का सार है। हम इस मुद्दे से आंखें नहीं मूंद सकते। हमारे लिए उदार और धर्मनिरपेक्ष उसूलों के लिए न बोलना, उचित नहीं है। हमारी विविधता ही हमारी ताक़त है।
खत में लिखा गया है कि माॅब लिंचिंग, सुरक्षा उसूलों और देश के संविधान के खिलाफ है। चिट्ठी में यह भी लिखा गया है कि हिंदुत्व के स्वयंभू ठेकेदारों की हिंसा के अब हम और गवाह नहीं बन सकते। हम मुस्लमानों और दलितों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। इसी ख़त में आगे लिखा गया है कि हमसब, “नाट इन माई नेम” अभियान के साथ हैं जो हज़ारों लोगों को डर और नफ़रत के ख़िलाफ़ संघर्ष में एकजुट करता है।