नायडूः माओवादी हिंसा का समाधान गोली नहीं वोट
भारत के उप राष्ट्रपति वैंकइया नायडू ने कहा कि माओवादी हिंसा का समाधान गोली से नहीं वोट से हो सकता है और आम लोगों को चाहिए कि हिंसा में लिप्त लोगों को प्रोत्साहित न करें।
नायडू ने कहा कि जो लोग हिंसा में लिप्त हैं उन्हें दूर कर दीजिए, उन्हें प्रोत्साहन न दीजिए, लोकतंत्र में पुलिस और सशस्त्र बलों के अलावा किसी को भी बंदूक़ उठाने का अधिकार नहीं है और किसी को भी क़ानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
झारखंडी की राजधानी रांची में एक कार्यक्रम में बोलते हुए नायडू ने कहा कि माओवादियों के विचार अलग हो सकते हैं और यदि वह अपने इन विचारों के प्रति आश्वस्त हैं तो जनता के बीच जाएं और जनादेश लेकर मंत्री और मुख्य मंत्री बनें।
नायडू ने मानवाधिकार संगठनों की आलोचना की कि जब कोई माओवादी छापामार मारा जाता है तो वह निंदा करते हैं लेकिन जब आम आदमी या सुरक्षाकर्मी मारा जाता है तो चुप रहते हैं, यह मानवाधिकार नहीं है।