तीन तलाक़ के मुद्दे पर मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की बैठक
भारत के भोपाल नगर में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की मीटिंग हुई।
इस बैठक में तीन तलाक़ को ग़ैरक़ानूनी बताए जाने और बाबरी मस्जिद केस को लेकर बातचीत हुई। इस बैठक के बाद पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि तीन तलाक़ के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान करता है लेकिन सरकार, पर्सनल लॉ के मामले में दखलंदाज़ी बंद करे।
वहीं बाबरी केस पर लॉ बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि इस मामले में एक विशेष प्रकार की ज़ल्दबाज़ी दिखाने की कोशिश हो रही है। इस मामले में आराम से सुनवाई होनी चाहिए ताकि देर भले हो जाए लेकिन नाइंसाफ़ी न हो। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक नौ घंटे से ज्यादा समय तक चली। बैठक के बाद बोर्ड की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि वह सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं. समाज में जागृति लाने के लिए बोर्ड द्वारा अभियान चलाया जाएगा।
बोर्ड के सदस्यों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा विवाह को कानून के दायरे में लाने का वे विरोध कर रहे हैं लेकिन यह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का विरोध नहीं है। उनका कहना है कि एक बार में तीन तलाक को मुस्लिम पर्सनल लॉ में भी ग़लत माना गया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वरिष्ठ सदस्यों की एक कमेटी बनायी है जो सर्वोच्च अदालत के फैसले की शरिया कानून की रोशनी में समीक्षा करेगी। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने व्यापक सुधार लागू करने को लेकर भी प्रतिबद्धता जताई है। उल्लेखनीय है कि 22 अगस्त को भारत के सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायधीशों की संविधान पीठ ने बहुमत से एक बार में तीन तलाक को ग़ैर क़ानूनी बताया था। जमियते उलमाए हिन्द जैसे कई मुस्लिम संगठनों ने अदालत के इस फैसले का विरोध किया था।