रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में भारतीय युवाओं का प्रदर्शन व शांति मार्च
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भारतीय युवाओं की संस्था "लखमिनियां सिविल सोसाइटी" के कार्यकर्ताओं ने रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में एक विशाल शांति मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की है कि वह म्यांमार से अपने राजनयिक संबंध समाप्त करे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ११, २०१७ १४:४१ Asia/Kolkata
  • रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में भारतीय युवाओं का प्रदर्शन व शांति मार्च

भारतीय युवाओं की संस्था "लखमिनियां सिविल सोसाइटी" के कार्यकर्ताओं ने रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में एक विशाल शांति मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की है कि वह म्यांमार से अपने राजनयिक संबंध समाप्त करे।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार भारत के राज्य "बिहार" के "बेगूसराय शहर" में लखमिनियां सिविल सोसाइटी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर म्यांमार के अत्याचारग्रस्त रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर शांति मार्च निकाला। शांति मार्च में शामिल रेडियो हिन्दी तेहरान के पुराने श्रोता "ज़ीशान नैयर" ने हमे बताया कि इस शांति मार्च में हर धर्म के लोगों ने भाग लिया और एक अवाज़ में म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के हो रहे जनसंहार की कड़े शब्दों में निंदा की।

श्री ज़ीशान के मुताबिक़ "लखमिनियां सिविल सोसाइटी" के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने म्यांमार सरकार और इस देश की सेना तथा चरमपंथी बौद्ध द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार के विरोध में नारे भी लगाए और भारत की केंद्र सरकार से मांग की है कि वह म्यांमार से अपने राजनयिक संबंध समाप्त कर ले। उनकी यह भी मांग थी कि नई दिल्ली, म्यांमार सरकार पर अतंर्राष्ट्रीय दबाव बनाकर रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार को रुकवाने का प्रयास करे।

सिविल सोसाईटी के लोगों ने भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से म्यांमार में इस देश की सेना और चरमपंथी बौद्धों के हमलों से पीड़ित रोहिंग्या हिन्दुओं और मुसलमानों के समर्थन में सहानुभुति का बयान जारी करने की मांग की। सोसाईटी ने भारत की ओर से म्यांमार की सरकार की संवेदनहीनता के विरुद्ध अधिकारिक तौर पर बयान जारी किए जाने की मांग करते हुए स्थानीय प्रशासन को दस सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा है। (RZ)