कश्मीर बहुत ख़राब स्थिति से गुज़र रहा है: फ़ारूक़ अब्दुल्लाह
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नेशनल कांफ़्रेंस के प्रमुख फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कश्मीर और कश्मीरियों की ख़राब होती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार को चेतावनी दी है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct १८, २०१७ १६:४६ Asia/Kolkata
  • कश्मीर बहुत ख़राब स्थिति से गुज़र रहा है: फ़ारूक़ अब्दुल्लाह

नेशनल कांफ़्रेंस के प्रमुख फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कश्मीर और कश्मीरियों की ख़राब होती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार को चेतावनी दी है।

भारत प्रशासित कश्मीर की नेशनल कांफ़्रेंस पार्टी के प्रमुख और सांसद फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने बुधवार को एक जनसभा को संबोधित किया और कश्मीर की ताज़ा स्थिति को दयनीय बताते हुए कहा कि आज कश्मीर वासी एक नहीं कई संकटों से पीड़ित हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग अभी आतंकवाद और बाढ़ जैसी समस्याओं से सही तरह से बाहर नहीं निकल पाए हैं जबकि इस बीच कुछ अन्य समस्याएं आ गई हैं। फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि आज असुरक्षा, अर्थव्यवस्था, राजनीतिक अभाव और आपसी एकता में पड़ती दरार ने कश्मीर राज्य की जनता को अपने चंगुल में फंसा लिया है। उन्होंने कहा कि अब ऐसे हालात से केवल अल्लाह ही जम्मू-कश्मीर की जनता को कठिनाई से बाहर निकाल सकता है।

नेशनल कांफ़्रेंस के प्रमुख ने कश्मीर में महिलाओं के बाल काटने वाली घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब हमारे घर की महिलाएं अपने ही घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर ख़राब होती अर्थव्यवस्था ने पहले से ही हमारी करम तोड़ रखी है।

फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि इस समय हमारे राज्य और हमें विभिन्न चुनौतियों का सामना है। उन्होंने लोगों से एकता बनाए रखने की अपील की। ​​फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा कि हमारी एकता ही साज़िश और षड़यंत्रकारियों की कमर तोड़ सकती है।

दूसरी ओर, जम्मू और कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के अध्यक्ष मुहम्मद यासिन मलिक ने कहा कि कश्मीरी महिलाओं पर हमले का एकमात्र उद्देश्य हमे डराना है। यासीन मलिक ने कहा कि दो महीनों से हमारी मां, बहनों और बेटियों पर हमले किए जा रहा हैं लेकिन हमले करने वाले का कोई सुराग़ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा समाज लगातार भय और डर के साए में जीवन व्यतीत कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन व ग़ैर ज़िम्मेदार है।

इसीबीच भारत प्रशासित कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को भी महिलाओं और लड़कियों के अज्ञात लोगों द्वारा बाल काटने की बढ़ती घटनाओं के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन जारी रहा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को भी अज्ञात लोगों द्वारा कश्मीरी महिलाओं के बाल काटने की कम से कम चार नई घटनाएं सामने आई हैं। (RZ)