मोहन भागवत के बयान पर मुस्लिम संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
भारत के विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने बाबरी मस्जिद के संबंध में कट्टरपंथी हिन्दू गुट आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार जहां एक ओर भारत की सर्वोच्च अदालत में बाबरी मस्जिद का मामला विचाराधीन है वहीं लगातार कट्टरपंथी और चरमपंथी हिन्दू संगठनों और गुटों की ओर से विवादस्पद और भड़काऊ बयानों का सिलसिला भी जारी है। इन सब के बावजूद ऐसे भड़काऊ बयान देने वालों के ख़िलाफ़ कोई क़ानूनी कार्यवाही होती भी नहीं दिख रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक़ लगातार कट्टरपंथी हिन्दू गुटों की ओर से आ रहे भड़काऊ बयानों पर लम्बी चुप्पी के बाद अब भारत के विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने ऐतराज़ करना शुरू कर दिया है। इसी संबंध में भारत के कई मुस्लिम संगठनों ने एक बयान जारी करके कहा है कि देश के मुसलमान लगातार बाबरी मस्जिद की समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं और साथ ही यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है लेकिन उसके बावजूद कट्टपरंथी हिन्दू गुट आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत का इस तरह का बयान निंदनीय है और हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।
ज्ञात रहे कि मोहन भगत ने शुक्रवार को हिंदू संगठनों की एक बैठक में कहा था कि बाबरी मस्जिद के स्थान पर मंदिर का ही निर्माण होगा।
भारतीय मुस्लिम संगठनों का कहना है कि भागवत के बयान ने देश के सर्वोच्च न्यायालय को चुनौती दी है और इस तरह का बयान भारतीय लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 6 दिसंबर 1992 को भारत के कट्टरपंथी हिन्दू गुटों ने उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या शहर में स्थित बाबरी मस्जिद पर हमला करके उसको शहीद कर दिया था, जिसके बाद पूरे भारत में दंगे भड़क उठे थे और हज़ारों लोगों की जान चली गईं थीं जबकि हज़ारों की संख्या में घायल भी हुए थे। (RZ)