8 फ़रवरी 2018 को होगी बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई
मंगलवार 5 दिसंबर को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की अहम सुनवाई शुरू हुई।
कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही समय के बाद इसे 8 फरवरी 2018 तक के लिए टाल दिया गया है। एनडीटीवी के अनुसार जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी वकीलों से कहा है कि मामले से जुडे सभी दस्तावेजों को पूरा किया जाए ताकि मामले की सुनवाई टाली न जाए।
सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि मामले की सुनवाई टाली जाए। उन्होंने कहा कि इसकी सुनवाई सन 2019 के आम चुनाव के बाद होनी चाहिए। कपिल सिब्बल ने कहा कि सुनवाई इसलिए टाली जाए क्योंकि कोर्ट के फैसले का देश पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर अभी सुनवाई होती है तो इसका देश के राजनीतिक भविष्य पर असर पड़ेगा। कपिल सिब्बल का यह भी कहना था कि अभी तक सारी काग़ज़ी कार्यवाही भी पूरी नहीं हुई है।
ज्ञात रहे कि हजारों पन्नों के अदालती दस्तावेज़ों का अंग्रेजी में अनुवाद न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर पांच दिसंबर से सुनवाई करने का निर्णय लिया था। . अनुवाद अब पूरा हो चुका है. अदालत ने सभी पक्षकारों को हिन्दी, पाली, उर्दू, अरबी, फारसी और संस्कृत आदि सात भाषाओं के अदालती दस्तावेजों का 12 सप्ताहों में अंग्रेजी में अनुवाद करने का निर्देश दिया था।