कश्मीर में हड़ताल से जीवन अस्त व्यस्त, हालात तनावपूर्ण
भारत प्रशासित कश्मीर में दिन प्रतिदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं, अब लोगों का जीवन व्यतीत करना भी कठिन होता जा रहा है।
श्रीनगर से हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को भी पूरी घाटी में हड़ताल जारी है जिसके कारण आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार को श्रीनगर सहित पूरी घाटी में हड़ताल का असर देखने को मिला, हुर्रियत कांफ्रेंस के सईद अली शाह गिलानी, मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ और यासीन मलिक के आहवान पर घाटी के लोगों ने हड़ताल में बढ़ चढ़कर भाग लिया।
हड़ताल के कारण दुकानें, व्यवसायिक केंद्र, स्कूल और कालेज पूरी तरह बंद रहे। हड़ताल को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं का कहना है कि यह हड़ताल भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कश्मीरी जनता के नरसंहार, भारतीय सेना द्वारा लगातार की जा रही हिंसानात्मक कार्यवाहियों और कश्मीरी जनता पर हमले के साथ ही प्रदर्शनकारियों की ग़ैर क़ानूनी गिरफ़्तारियों के ख़िलाफ़ है।
इस बीच स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से हड़ताल के मद्देनज़र पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर रखा है और रेल सेवाओं को पूरी तरह रोक दिया है।
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उल्लेखनीय है कि भारत प्रशासित कश्मीर के हालात 8 जुलाई 2016 को तब बिगड़ गए थे जब भारतीय सेना ने छापामार संगठन हिज़्बुल मुजाहेदीन के कमांडर बुरहान वानी को मार गिराया था। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से पूरी घाटी में हुए विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ झड़प में लगभग 320 लोगों से अधिक कश्मीरियों की मौत हुई है जबकि हज़ारों की संख्या में घायल भी हुए हैं। (RZ)