दक्षिणी अफ्रीका के राष्ट्रपति को ले डूबे भारत के गुप्ता ब्रदर्स
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भारत के व्यापारी बंधुओं गुप्ता ब्रदर्स के कारण दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। 
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १५, २०१८ १३:४९ Asia/Kolkata
  • दक्षिणी अफ्रीका के राष्ट्रपति को ले डूबे भारत के गुप्ता ब्रदर्स

भारत के व्यापारी बंधुओं गुप्ता ब्रदर्स के कारण दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। 

बताय जा रहा है कि जैकब ज़ूमा के राजनैतिक कैरियर को क्षति पहुंचाने में भारत के उत्तर प्रदेश के सहारनपुर नगर से संबन्ध रखने वाले गुप्ता ब्रदर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।  जैकब ज़ूमा के कार्यकाल में होने वाले बहुत से घोटालों में भारत के गुप्ता ब्रदर्स की अहमद भूमिका रही है।

पंजाब केसरी के अनुसार लोकतंत्र स्थापित होने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने अपने दरवाजे विदेशी निवेश के लिए खोले थे। अतुल गुप्ता के नेतृत्व में गुप्ता परिवार सन 1993 में दक्षिण अफ्रीका आया था।  भारत में बहुत छोटे स्तर पर कारोबार करने वाले गुप्ता परिवार ने कुछ ही दिनों में दक्षिण अफ्रीका में कंप्यूटर, खनन, मीडिया, टेक्नॉलजी और इंजिनियरिंग के क्षेत्र में तेज़ी से तरक़्क़ी की।

गुप्ता परिवार ने सन 2010 में "द न्यूज एज" नाम से एक अखबार लॉन्च किया जिसे जैकब ज़ूमा समर्थक अखबार माना जाता है। इसी तरह सन 2013 में गुप्ता परिवार ने 24 घण्टे चलने वाले न्यूज़ चैनल ANN-7 लॉन्च किया था।  साउथ अफ्रीका के राजनीतिक गलियारों में भी गुप्ता परिवार का रसूख बढ़ने लगा।  सन 2009 में जैकब ज़ूमा के राष्ट्रपति बनने से पहले ही उनके सत्ताधारी अफ्रीकन नैशनल कांग्रेस से क़रीबी रिश्ते बन चुके थे।   गए।

 गुप्ता परिवार के मालिकाना हक़ वाली कंपनी सहारा कंप्यूटर्स में जैकब ज़ूमा के बेटे दुदुजेन डायरेक्टर थे।  दुदुजेन, गुप्ता परिवार की कई कंपनियों से जुड़े रहे हैं। ज़ूमा के परिवार के कई लोग गुप्ता परिवार की कंपनियों से जुड़े हुए थे। उनकी तीसरी पत्नी "बोंगी नेमा" भी गुप्ता ब्रदर्स की कंपनी में कर्मचारी थी। जैकब ज़ूमा की एक बेटी भी गुप्ता ब्रदर्स की कंपनी से जुड़ी हुई थी।

ज्ञात रहे कि गुप्ता परिवार का नाम सबसे पहले तब विवादों में आया जब मार्च 2015 में साउथ अफ्रीका के पूर्व डेप्युटी फाइनैंस मिनिस्टर मेबिसी जोनस ने दावा किया कि गुप्ता ब्रदर्स ने उन्हें 320 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की।  उनके अनुसार गुप्ता ब्रदर्स ने मेरे सामने फाइनांस मिनिस्टर के पद की पेशकश की थी और बदले में उन्हें गुप्ता परिवार के इशारों पर काम करना था।