सीपैक के मुक़ाबले के लिए भारत ने बनाई नई रणनीति
सीपैक के मुक़ाबले के लिए भारत ने एशियाई देशों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर करके सिलिकॉन नामक एक अलग पथ स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
इकोनॉमिक टाइम्स के हवाले से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार भारत के उद्योग एवं व्यापार मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि भारत ने सीपैक के मुक़बाले के लिए अपनी नई रणनीति पर काम करना आरंभ कर दिया है और इस संबंध में पहले चरण में उज़्बेकिस्तान के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान आपसी सहयोग से आधुनिक टेक्नोलॉजी की प्राप्ति के साथ एक नया ट्रांज़िट मार्ग तैयार किया जा सकता है।
भारत के उद्योग एवं व्यापार मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान, तेल, गैस, स्वास्थ्य, औषधीय की तैयारी और पर्यटन के अतिरिक्त कई अन्य क्षेत्रों में एक दूसरे के साथ सहयोग करने पर सहमत हो गए हैं। इस बीच जानकारों का मानना है कि भारत क्षेत्र के विभिन्न देशों के साथ अपने सहयोग के क्षेत्र को अधिक विस्तृत करना चाहता है ताकि वह चीन क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव का मुक़ाबला कर सके।
ज्ञात रहे कि चीन–पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (सीपैक) के माध्यम से इलाक़े के देशों के साथ अपने व्यापारिक एवं आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और उसे और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। (RZ)