भारत और अमरीका के बीच संयुक्त नौसैन्य अभ्यास
भारत और अमरीका की नौसेना ने ओमान सागर में संयुक्त सैन्य अभ्यास किया जिसमें पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें तबाह करने का अभ्यास किया गया।
अमरीकी नौसेना ने इस सैन्य अभ्यास में एक पी-8 पोसाइडन विमान का प्रयोग किया जिसका काम जासूसी करना है। अमरीका की ओर से इस सैन्य अभ्यास में 21 नौसैनिकों ने भाग लिया। अमरीका और भारत के बीच यह नौसेना का अभ्यास गुरुवार से आरंभ हुआ जो दो दिन तक जारी रहा।
भारत और अमरीका के बीच सैन्य और रक्षा सहयोग में विस्तार के लिए यह संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया गया। यहां पर यह बात बताना आवश्यक है कि अमरीका, भारत, जापान और दक्षिणी कोरिया सहित अपने क्षेत्रीय सहयोग के साथ सैन्य सहयोग में विस्तार का कार्यक्रम रखता है जिसके पीछे अनेक लक्ष्य हैं।
अमरीकी सरकार अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ रक्षा और सैन्य क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करके अमरीकी कंपनियों द्वारा बने हथियारों को उन्हें बेचने में सफल रही और इस तरह से अमरीकी कंपनियों ने बहुत अधिक लाभ कमाया।
दूसरी ओर अमरीका, क्षेत्रीय देशों विशेषकर भारत और जापान के साथ सहयोग सैन्य अभ्यास का आयोजन करके अपने एक रणनैतिक प्रतिस्पर्धी चीन पर दबाव डालना चाहता है।
बहरहाल अमरीका की चीनोफ़ोबिया की नीति से भारत और जापान इस सीमा तक प्रभावित हो चुके हैं कि इन्होंने अपनी सुरक्षा को वाशिंग्टन के साथ सैन्य संबंधों से जोड़ा है।
बहरहाल अमरीका, हर जगह अपने ही हित में काम करता है और वह समय मिलने पर अपने हित के आगे अपने घटकों के हितों की बलि चढ़ा देता है। (AK)