बाबरी मस्जिद केस की सुनवाई अब जनवरी 2019 से शुरू होगी
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भारत की सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के संबन्ध में आज अपना फैसला सुनाया है। 
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct २९, २०१८ १०:०४ Asia/Kolkata
  • बाबरी मस्जिद केस की सुनवाई अब जनवरी 2019 से शुरू होगी

भारत की सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के संबन्ध में आज अपना फैसला सुनाया है। 

भारतीय संचार माध्यमों के अनुसार सोमवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई मात्र तीन मिनट में ही समाप्त हो गई।  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले के लिए जनवरी 2019 की तिथि तय की है।  इस हिसाब से बाबरी मस्जिद से संबन्धित मामला लगभग तीन महीनों के बाद न्यायालय में उठाया जाएगा।आज की सुनवाई, विवादित भूमि को तीन भागों में बांटने वाले 2010 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर होनी थी।  सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि इस मामले को अर्जेन्ट सुनवाई के अंतर्गत नहीं सुना जा सकता।

उल्लेखनीय है कि 27 सितंबर को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पीठ ने दो-एक के बहुमत से आदेश दिया था कि विवादित भूमि के मालिकाना हक वाले दीवानी मुकदमे की सुनवाई तीन जजों की नई पीठ 28 अक्टूबर को करेगी।

पीठ ने नमाज के लिए मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं मानने वाले इस्माइल फारूकी मामले में 1994 के फैसले के अंश को पुनर्विचार के लिए सात जजों की पीठ को भेजने से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि विवादित जमीन पर मालिकाना हक का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इसलिए पिछले फैसले का मौजूदा मामले से कोई संबंध नहीं है।

अपना और मुख्य न्यायाधीश की ओर से फैसला लिखने वाले जस्टिस अशोक भूषण ने कहा था कि हमें वह संदर्भ देखना है, जिसमें पांच जजों की पीठ ने वह फैसला सुनाया था। हालांकि, पीठ में शामिल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर ने अलग फैसला देकर कहा था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा है या नहीं, इस पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विस्तृत विचार की जरूरत है।