राफ़ेल डील पर भारतीय सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, अलग अलग प्रतिक्रियाएं
भारत में बहुचर्चित राफ़ेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा है कि अदातल को इस सौदे और जेट विमानों की तकनीक में कोई कमी नज़र नहीं आती।
अदातल ने 14 दिसम्बर को उन सभी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया जिनमें कोर्ट की निगरानी में इस मामले की जांच कराने की मांग उठाई गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि केन्द्र सरकार के फ़ैसले पर यूं सवालिया निशान लगाना ठीक नहीं है।
कोर्ट की ओर से कहा गया कि हम डील की प्रक्रिया से संतुष्ट हैं, हमें इस डील में एसी कोई गड़बड़ी नहीं नज़र आई जिससे ज़ाहिर होता हो कि किसी कंपनी या कारोबारी का पक्ष लिया गया हो। कोर्ट ने कहा कि उसे इस मामले में दख़ल देने की कोई ज़रूरत नज़र नहीं आती।
चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि देश को जेट विमानों की ज़रूरत है और वह उनके बग़ैर नहीं रह सकता पर जेट विमानों की क़ीमत का फ़ैसला लेना कोर्ट का काम नहीं है, डील के हर पक्ष में हमारा दख़ल देना ठीक बात नहीं है और जेट के दामों की तुलना करना कोर्ट का काम नहीं है।
यह फ़ैसला आने से मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली है क्योंकि विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से इस मामले में बड़ा घोटाला किए जाने की आरोप लगाए जा रहे थे।
फ़ैसला आने के बाद भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश की जनता को गुमराह करने के मामले में राहुल गांधी को चाहिए कि वह राष्ट्र से माफ़ी मांगें। अमित शाह ने कहा कि मैं यह पूछना चाहता हूं कि जिन सूचनाओं के आधार पर उन्होंने इतना बड़ा आरोप लगाया उसका स्रोत क्या है।
गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने संसद में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी को सदन में माफ़ी मांगनी चाहिए उन्होंने दुनिया में देश को बदनाम करने की कोशिश की है।
वहीं कुछ लोगों ने अदालत के फ़ैसले से असहमति जताई है। मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने एएनआई से बातचीत में कहा कि हमारे विचार में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पूरी तरह ग़लत है, इससे डील के ख़िलाफ़ चल रही मुहिम नहीं रुकेगी और हम इस बात पर जल्द फ़ैसला करेंगे कि क्या पुनरविचार याचिका दाख़िल की जानी चाहिए?
टीएमसी के सांसद सौगत राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वो कहा है जो उसे सही लगता है लेकिन राजनैतिक पार्टियां इस मामले में जेपीसी जांच की मांग करेंगी।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अपने आम में विरोधाभासी है एसे में प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार को इस फ़ैसले पर ख़ुशी नहीं मनानी चाहिए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की डिटेल में जाना सही नहीं होगा।